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सात घंटे तक मची रही अफरातफरी

Tue, 28 Mar 2017 11:45 PM IST
Sant Kabir Nagar
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बम डिफ्यूज होने के बाद अफसरों ने भी बम काे देखा। - फोटो : अमर उजाला
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खलीलाबाद में  ट्रैक किनारे हुए बम विस्फोट में कबाड़ बीनने वाले राजू थापा के घायल होने और तीन बम मिलने की खबर से पुलिस और रेलवे प्रशासन सकते में आ गया। जानकारी होते ही लोग घटनास्थल की ओर चल पड़े। बम निरोधक दस्ते द्वारा बम को निष्क्रिय करने तक अफरातफरी का माहौल कायम रहा। 
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 मुखलिसपुर और त्रिपाठी मार्केट रेलवे क्रासिंग के बीच में मंगलवार की सुबह साढे़ छह बजे धमाके से लोग सहम गए। जानकारी के बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की तो लोग उत्सुकतावश पहुंचने लगे। करीब आठ बजे पॉलिथीन में तीन बम मिले। बाद में विस्फोट होने और राजू थापा के घायल होने की खबर लोगों को मिली। इसी बीच आरपीएफ के चौकी इंचार्ज आरके त्रिपाठी और जीआरपी के चौकी इंचार्ज आरके पांडेय और स्टेशन अधीक्षक डी के सिंह यादव, पीडब्लूआई मजहर हुसैन भी पहुंच गए। काफी देर तक ट्रेनों के धीमी गति से गुजारा गया। भीड़ और ट्रेनों के आवागमन के दौरान कहीं कोई घटना न हो जाए ऐसे में पुलिस भीड़ को ट्रैक से दूर खदेड़ती रही। साढे़ बारह बजे बम निरोधक दस्ते के प्रभारी बृजभान कुमार अपने सहयोगी अनिल कुमार ,धर्मेंद्र सिंह, सूर्य प्रकाश पटेल, शशिकांत और वीरेंद्र सिंह यादव के साथ पहुंचे और बम को निष्क्रिय किया। 

स्टेशन पुरवा निवासी कबाड़ दुकानदार रीता निषाद पत्नी रामलखन ने पुलिस को तहरीर दी है। जिसमें कहा कि राजकुमार थापा नाम का व्यक्ति कबाड़ लेकर कभी- कभी उनकी दुकान पर बेचने आता था। मंगलवार को सुबह रेलवे ट्रैक के किनारे   कबाड़ बटोर रहा था कि पॉलिथीन मेें धागे से लपेटी वस्तुएं मिली। पत्थर से फोड़ने पर विस्फोट हो गया और राजकुमार घायल हो गया। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।   
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बम ट्रैक के किनारे कैसे पहुंचा इसकी जांच  होगी : डीआईजी विस्फोट की सूचना के बाद पहुंचे डीआईजी बस्ती लक्ष्मी नारायन ने कहा कि अब तक की जांच से यही लग रहा है कि यह शरारती तत्वों का काम है। बम ट्रैक के किनारे कैसे पहुंचा, इसकी जांच होगी। एसपी को निर्देश दिया गया है कि अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराते हुए जांच पड़ताल कराएं। इसके साथ ही डीआईजी आरपीएफ राजाराम, एसपी संतकबीरनगर हीरालाल, एसपी जीआरपी भारत सिंह के अलावा रेलवे और पुलिस के तमाम अधिकारी- कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। बम निरोधक दस्ते के प्रभारी ब्रजभान कुमार ने बताया कि बरामद तीनों सुतली बम है। इसके निर्माण में गिट्टी, बारुद, प्लास्टिक के धागा और कागज का प्रयोग हुआ है। यह कम मारक क्षमता (लो एक्सप्लोसिव) बम है। इससे ट्रैक अथवा ट्रेन को कोई खतरा उत्पन्न नहीं हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति शरीर के जिस अंग से इसे छेड़छाड़ करेगा, सिर्फ वही अंग प्रभावित होगा। वैसे तीनों बम को यदि एक साथ फोड़ा जाए तो एक व्यक्ति की जान को खतरा हो सकता है। 
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