6942 किसानों को नहीं मिला फसलों का मुआवजा
बाढ़ एवं अतिवृष्टि से फसलों को पहुंचा था काफी नुकसान
- रिकॉर्ड दुरुस्त करने में लगी हैं राजस्व विभाग की टीमें
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। बाढ़ एवं अतिवृष्टि से फसलों को हुई क्षति का मुआवजा पाने से 6942 किसान वंचित हैं। मुआवजा के लिए किसान तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं प्रशासन वंचित किसानों के बैंक का आईएफएससी कोड आदि गलत होना बता रहा है। इसको दुरुस्त करने के लिए राजस्व विभाग की टीमों को लगाया गया है।
बाढ़ एवं अतिवृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने राजस्व कर्मियों की टीम से नुकसान का आंकलन कराया था। सर्वे में खलीलाबाद, धनघटा और मेंहदावल तहसील क्षेत्र के करीब 18,000 किसान प्रभावित मिले। प्रशासन की ओर से किसानों को मुआवजा दिए जाने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई। इसमें से 11,207 किसानों को 2,79,26,996 रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई। शेष 6,942 किसान अभी तक मुआवजा पाने से वंचित हैं। किसान जगदंबा तिवारी, मकसूदन तिवारी, राजेंद्र तिवारी, दिल्लू यादव, गुनई गुप्ता, बैजनाथ यादव, जाखड़ सिंह, शंकर यादव, रणजीत यादव, दिनेश तिवारी, पप्पू तिवारी, देवेंद्र बहादुर सिंह आदि का कहना है कि बाढ़ एवं अतिवृष्टि से किसानों की फसल नष्ट हुई थी। फसल की क्षति का मुआवजा जिन किसानों को मिला, उन्हें आधा-अधूरा मिला है। तहसील प्रशासन ने जो दूसरी सूची बनाई थी, उसमें से सिर्फ मेंहदावल तहसील क्षेत्र के करीब 4,000 किसान वंचित हैं। किसानों ने प्रशासन से मुआवजा की राशि दिलाने की मांग की है। तहसील प्रशासन से जुड़े लोग बताते हैं कि कुछ किसान दिल्ली, मुंबई में हैं। कुछ ऐसे भी किसान हैं, जो जनपद के निवासी ही नहीं हैं। अधिकांश किसानों के बैंक का आईएफएससी कोड सही नहीं है। कुछ ऐसे किसान भी हैं, जिनकी खेती दो गांवों अथवा उसे अधिक गांवों में खेती है। जो कमियां रह गई हैं, उसको सुधार किया जा रहा है। एडीएम मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जिन किसानों के बैंक खाते अथवा आईएफएससी कोड आदि में गड़बड़ी थी, उन्हीं वजह से अभी तक वे मुआवजा की धनराशि नहीं पाए हैं। वैसे लेखपालों टीम लगाई है। कमियों को दुरुस्त कराने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिससे वंचित किसान मुआवजा की धनराशि प्राप्त कर सकें।