सरकार द्वारा कक्षा नौ, 10, 11 और 12 में अध्ययनरत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, गरीब तबके के विद्यार्थियों के लिए पूर्व दशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना चलाई जाती है। छात्रों केे संबधित विद्यालयों के माध्यम से आनलाइन छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना होता है। जिसमे छात्रों को आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र आदि लगाना होता है। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार छात्रों ने प्रमाण पत्र लगाया है लेकिन कुछ प्रमाण पत्र आनलाइन नही थे। जिसकी वजह से छात्रवृत्ति से वंचित हो गए है। इसके साथ ही कुछ छात्रों के आवेदन पत्र भी त्रुटि पूर्ण पाए गए है। विभाग का कहना है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने कक्षा नौ के 2031 और कक्षा 11 तथा 12 के 1311 छात्रों की सूची को वापस कर दिया है। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग ने कक्षा 11 और 12 के 1419 तथा कक्षा नौ और 10 के 2160 छात्रों की सूची को संदिग्ध देखते हुए वापस कर दिया है। विभाग ने इस छात्रों को छात्रवृत्ति दिए जाने से इंकार कर दिया है। छात्र वृत्ति से वंचित छात्रों के संबधित विद्यालयों में हड़कंप मचा है कि वे अपने विद्यार्थियों को अब क्या बताएंगे कि उन्हे छात्रवृत्ति क्यों नही मिल रही है। जिसको लेकर प्रधानाचार्यो की चिंताए बढ़ गई है।
समाज कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने 6621 छात्रों के आवेदन पत्र को संदिग्ध मानते हुए वापस कर दिया है। इन छात्रों को छात्रवृत्ति मिलना संभव नहीं है। कहीं न कहीं कुछ प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी हुई होगी जिसकी वजह से आवेदन पत्र अपूूर्ण पाए गए है।
बृजभूषण मौर्य, डीआईओएस