परिसर में एक भी हैंडपंप नहीं, शौचालय भी नहीं बना
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अमर उजाला ब्यूरो
बाघनगर। राजकीय पशु चिकित्सालय एवं कृत्रिम गर्भाधान केंद्र सेमरियावां में समस्याओं का अंबार है। अस्पताल में पशुओं व पशुपालकों को पानी पीने के लिए हैंडपंप तक मयस्सर नहीं है। एक डॉक्टर व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के जिम्मे पूरा अस्पताल है। स्टाफ की कमी के चलते पशुओं के इलाज में भी परेशानी हो रही है।
करीब दो दशक पहले सेमरियावां ब्लॉक परिसर के पीछे वाले हिस्से में पशु अस्पताल स्थापित किया गया। यहां एक पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार यादव व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मुलायम सिंह की तैनाती है। एक फार्मासिस्ट व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद सालों से रिक्त है। अस्पताल में एक भी हैंडपंप व शौचालय तक नहीं है। यहां रोज लगभग 50 पशुपालक प्रतिदिन पशुओं के इलाज को आते हैं।
कांग्रेसी नेता मोहम्मद नजीर की मानें तो अस्पताल में दवाओं का भी अभाव रहता है। युवा संघर्ष समिति संयोजक रिजवान मुनीर, संतोष प्रजापति और पूर्व बीडीसी मिसबाहुद्दीन ने कहा कि अस्पताल में स्टाफ की कमी से पशु पालकों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। शौचालय और पेयजल की व्यवस्था जरूरी है। उधर, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अखिलेश सिंह यादव का कहना है कि अस्पताल में एक फार्मासिस्ट व एक चतुर्थ श्रेणी का पद रिक्त चल रहा है। जिलास्तरीय अधिकारी को अस्पताल की समस्याओं से अवगत कराया गया है। साथ ही हैंडपंप और शौचालय के लिए बीडीओ सेमरियावां को पत्र भेजा गया है। इसी क्रम में बीडीओ सेमरियावां आरके चतुर्वेदी ने बताया कि पशु अस्पताल में हैंडपंप और शौचालय निर्माण के लिए डॉक्टर का पत्र मिला है। शौचालय का निर्माण करा दिया जाएगा। जल निगम को पत्र लिखकर हैंडपंप की समस्याएं भी दूर करा दी जाएगी।