संतकबीरनगर। आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन की बैठक रविवार को जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद के परिसर में जिलाध्यक्ष सरोज सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें दस अक्टूबर को लखनऊ में होने वाले धरना-प्रदर्शन की सफलता की रणनीति बनाई गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले कई दिनों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं धरना दे रही हैं, लेकिन सरकार आंख मूंदे हुए है। ऐसे में प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर दस अक्टूबर को लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नौ अक्टूबर को ब्लाक स्तर से लेकर जिला स्तर के पदाधिकारी अपने क्षेत्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं से संपर्क कर उन्हें सुविधानुसार लखनऊ ले जाने की व्यवस्था करेेंगेे। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए लखनऊ पहुंचने के लिए पूरी ताकत लगा दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद आश्वासन दिया गया था कि 120 दिनों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा दे दिया जाएगा, लेकिन अभी तक सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। ऐसे में अब लखनऊ में धरना दिया जाएगा। बैठक में अशोक कुमार आर्य, अशोक राय, विजय लक्ष्मी गौड़, तारा देवी, आरती वर्मा, सुमन देवी, विमला देवी, इंद्रावती देवी, कमलावती देवी आदि तमाम कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
लखनऊ में बनेगी आंदोलन की रणनीति
संतकबीरनगर। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की घोषणा न होने से अब आंदोलन की तैयारी में है। इसके लिए 15 अक्टूबर को प्रदेश अध्यक्ष गिरीश कुमार पांडेय की अध्यक्षता में लखनऊ में बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। यह जानकारी महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष मंजू चौधरी ने देते हुए बताया कि सरकार से समझौता वार्ता हुई थी, लेकिन सरकार अब तक मानदेय वृद्धि की घोषणा नहीं कर सकी है। ऐसे में अब आंदोलन के सिवा कोई और रास्ता नहीं बचा है।