दुधारा क्षेत्र के पचपोखरिया और पिपरा हसनपुर गांव में मंगलवार को आग से 58 घर जल गए। इस दौरान आग बुझाने की कोशिश में पिपराहसनपुर गांव निवासी एक चाय विक्रेता की धुएं से दम घुटने के कारण मौत हो गई। आग की भयावहता के चलते बस्ती जिले के फायर ब्रिगेड का वाहन मंगाना पड़ा, तब जाकर गांव के लोगों की मदद से चार घंटे में आग बुझ सकी।
सेमरियावां प्रतिनिधि के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हुजुरा सुहावा के पश्चिमी सीवान में गेहूं के डंठल में लगी आग तेज पछुवा हवा के चलते पचपोखरियां गांव में पहुंच गई। घरों में आग लगने के बाद लोगों ने बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए, लेकिन तेज हवा से आग बढ़ती चली गई। लोग घर छोड़कर परिवार के साथ भागने लगे। इस दौरान कुछ घरों में सिलिंडर फटने से आग बुझाने की कोशिश में लगे लोग भी दहशत में आ गए और कोशिश छोड़कर हट गए।
वहीं आग फैलते हुए गांव के सीवान से होकर करीब एक किलोमीटर दूर स्थित पिपरा हसनपुर गांव में पहुंच गई और घरों को चपेट में ले लिया। आग की सूचना पर फायर ब्रिगेड को मिली, वैसे ही ब्लॉक परिसर में खड़ी एक गाड़ी पिपरा हसनपुर गांव में पहुंच गई। इधर पचपोखिया में आग का कहर जारी रहा। बाद में बस्ती से एक वाहन और जिला मुख्यालय से दमकल की दो गाड़ियां पचपोखरिया पहुंचीं।
पिपरा हसनपुर गांव के पश्चिम चाय की गुमटी चला कर परिवार का खर्च चलाने 55 वर्षीय रामशंकर भी लोगों की घरों में लगी आग को बुझाने की कोशिश करने लगे। उसी दौरान धुएं के बीच घिर गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। रामशंकर की मौत के बाद गांव में कोहराम मच गया। गांव वालों की मदद से दोनों गांवों में करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल टीम ने आग बुझाई।
इस घटना में पचपोखरिया के प्रधान अभिमन्यु, चंद्रिका प्रसाद, नौरंगी लाल, रोहित, शिवमूरत, ओम प्रकाश, राजमन, छोहारे, परमात्मा, इंद्रजीत, राजवंत, इंद्रमती, प्रभुराम, हरिचरन, संतराम, महावीर, बाबूलाल, गिरजेश, मनोज कुमार, विनोद, रतिभान, जमुना प्रसाद, ध्रुपचंद्र, ओंकार, नागेंद्र, रामअजोर, नियाज अहमद, सहाबुद्दीन, औरंगजेब, छोटेलाल, रामचरन, रामकरन, रामप्रसाद, रामभेज, उमेशचंद्र, जवाहिरलाल, भागीरथी, राजदेव ,जयकरन, संजय कुमार, मनोज, विनोद, प्रभावती, रामकेवल, सुनील,चंदन, विनोद प्रजापति, नवीरहम और कृष्ण कुमार के घर जल गए। वहीं इंदमती की सात बकरियां भी जल कर मर गईं।
इसी तरह पिपराहसनपुर में वंशराज, विनोद कुमार, धर्मेद्र, रामकेस, रामलाल, संजय और धवताल के रिहायशी जल गए। गांव वालों ने बताया कि पीड़ितों के घर के साथ उसमें रखा सब कुछ जल गया। खबर पर एएसपी अशोक वर्मा, एसडीएम उमेशचंद्र निगम और एसओ दुधारा मनोज त्रिपाठी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम ने बताया कि आग से हुई क्षति का आकलन कराया जा रहा है। करीब 15-20 लाख के नुकसान का अनुमान है। इस घटना में आग बुझाते समय चाय विक्रेता रामशंकर की मौत हुई है। पीड़ितों को प्रशासन की तरफ से जल्द मदद दिलाई जाएगी।