- मत्स्य संपदा योजना के लिए 195 लोगों ने किया था आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। तालाब खोदकर व टैंक बनाकर मछली पालन करने के लिए मछुआ समुदाय के लोगों व जमीन के पट्टाधारकों ने आवेदन किया था। इन आवेदनों की संख्या 195 थी। जिसमें से पात्र पाए गए 58 लाभार्थियों को शासन की तरफ से एक करोड़ 34 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है।
मछली पालन में करने वाले लोगों और पट्टाधारकों को सामाजिक व आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शासन स्तर से कई योजनाएं संचालिए हैं। जिसमें प्रमुख रूप से संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत तालाब व टैंक बनाकर मछली पालने के लिए 195 लोगों ने आवेदन किया था। वर्ष 2023-24 के लिए 127 आवेदन पात्र पाए गए। बजट के अभाव में मात्र 58 पात्र लाभार्थियों को कुल एक करोड़ 34 लाख का अनुदान दिया गया। जिससे वह मत्स्य उद्योग को साकार रूप दे सकें। विभागीय जानकारी के मुताबिक शेष पात्र लाभार्थियों को बजट आने पर अनुदान दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत निजी भूमि पर तालाब निर्माण के लिए सात लाख रुपये की परियोजना में चार लाख रुपया मत्स्य पालक को लगाना होता है। शेष धनराशि शासन अनुदान देती है। पुरूष पात्र लाभार्थी को 40 फीसदी जबकि महिला लाभार्थी को 60 फीसदी अनुदान मिलता है। इसी तरह जमीन के ऊपर वृहद, मध्याकार व लघु टैंक निर्माण कर मछली पालन के लिए पुरूष लाभार्थी को 40 तो महिला लाभार्थी को 60 फीसदी अनुदान मिलता है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 2023-24 में 58 पात्र लाभार्थियों को मछली पालन के लिए एक करोड़ 34 लाख का अनुदान दिया गया है। बजट आने पर बाकियों को दिया जाएगा।
- बृजेश कुमार गुप्ता, उप निदेशक मत्स्य