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खलीलाबाद-बहराइच रेल मार्ग के शिलान्यास अवसर पर नेताओं ने की अपील

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पूरी हुई चार दशक पुरानी मांग
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- नेताओं ने कहा, भाजपा सरकार के लिए आम लोगों की जरूरतें सर्वोपरि

उदयभान त्रिपाठी
संतकबीरनगर। खलीलाबाद-बहराइच रेल मार्ग की जरूरत वर्षों से थी, लेकिन बीते चार दशक से जनप्रतिनिधियों ने जनता की इस जरूरत को नजरअंदाज किया। उन्होंने कभी यह जानने की कोशिश नहीं की कि लोगों की सुविधा और क्षेत्र के विकास के लिए यह जरूरी है। भाजपा सरकार में आम लोगों की जरूरतें सर्वोपरि है। रेल लाइन का शिलान्यास इस बात का गवाह है। इसके साथ ही नेताओं ने भविष्य में क्षेत्र के विकास का खाका खींचा और लोकसभा चुनाव के लिए आशीर्वाद मांगा।
खलीलाबाद से डुमरियागंज, उतरौला, बलरामपुर, श्रावस्ती होते हुए बहराइच तक जाने वाली इस रेल लाइन के लिए अलग-अलग जनपदों में लंबे समय से आंदोलन होते रहे हैं। बांसी में रेल बाबा इसके लिए धरना प्रदर्शन कर रहे थे तो उतरौला निवासी कमाल अहमद सिद्दकी ने रेल लाओ संघर्ष समिति का गठन कर आंदोलन शुरू किया था। मामला कोर्ट तक भी पहुंचा। करीब चार दशक के आंदोलन के बाद शनिवार को जूनियर हाईस्कूल में इसकी आधारशिला रखी गई।
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इस मौके पर डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि रेल मंत्री पीयूष गोयल व रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने क्षेत्र के लोगों की वर्षों की मांग को पूरा कर दिया है। कहा कि नीति आयोग ने लागत के सापेक्ष मुनाफा की बजाय घाटा होने की बात कहकर परियोजना को अस्वीकार कर दिया था। फिर भी जनता की जरूरत को देखते हुए सरकार ने इस पर आगे बढ़ने का फैसला किया। सांसद शरद त्रिपाठी, सांसद ददन मिश्र व कीर्तिवर्द्घन सिंह ने कहा कि सरकार ने जो वादा किया था उसे पूरा कर दिया। कहा कि जनता को लोकसभा चुनाव में पार्टी को फिर सत्ता सौंपनी चाहिए, जिससे की परियोजना का समय पर लोकार्पण हो सके।
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