आशा, आंगनबाड़ी, रसोइयों को भी मिलेगी पेंशन
केंद्र सरकार ने शुरू की प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना
18 से 40 वर्ष के श्रमिकों का होगा पंजीयन, 60 वर्ष की उम्र पर मिलेगी पेंशन
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। केंद्र सरकार ने आशा कार्यकर्ता, आशा संगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिड डे मील के लिए तैनात रसोइया आदि को भी पेंशन देने के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 15 हजार रुपये या उससे कम मासिक आय वाले असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को शामिल किया जाना है। पेंशन के लिए प्रीमियम की कटौती उनके बैंक खाते से स्वत: होगी। डीएम ने इसके लिए संबंधित विभागों को पत्र जारी करते हुए पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय की तरफ से जारी पत्र में बताया गया है कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बुढ़ापा में सहारा देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना शुरू की है। यह अंशदायी पेंशन योजना है। इसमें लाभार्थी के अंशदान के बराबर की धनराशि केंद्र सरकार की तरफ से दी जाएगी। उदाहरण के तौर पर अगर 18 वर्ष के श्रमिक ने इस योजना में पंजीकरण कराया है तो उसे 55 रुपये अंशदान देने होंगे, जिस पर 55 रुपये ही केंद्र सरकार की तरफ से भी अंशदान दिया जाएगा। योजना का संचालन भारतीय जीवन बीमा निगम की तरफ से किया जाएगा।
डीएम रवीश गुप्ता ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग को मनरेगा मजदूरों का पंजीकरण कराना है। स्वास्थ्य विभाग को आशा कार्यकर्ताओं के पंजीकरण के लिए निर्देशित किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ब्लाक स्तर पर कैंप आयोजित कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का पंजीकरण कराएगा। बेसिक शिक्षा विभाग को रसोइयों के पंजीकरण की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं। होमगार्ड एवं पीआरडी विभाग भी अपने जवानों का पंजीकरण कराएगा। सीडीओ हाकिम सिंह ने बताया कि जिले में कार्यरत सभी कार्यदायी संस्थाओं को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने यहां कार्यरत असंगिठत श्रमिकों का पंजीकरण इस योजना के लिए कराएं।