मेंहदावल के धौरापार गांव में बन रही इंटरलॉकिंग सड़क की जांच करते अधिकारी।
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मेंहदावल। धौरापार गांव में विधायक निधि से बन रही इंटरलॉकिंग सड़क की गुणवत्ता की जांच शुरू हो गई है। दो सदस्यीय जांच दल में एक अफसर ने शिकायत को सही बताया जबकि दूसरे का तर्क है कि निर्माण कार्य ठीक चल रहा है। आश्चर्यजनक यह है कि ठेकेदार को इस सड़क के निर्माण पर अग्रिम भुगतान मिल चुका है। गला फंसता देख जिम्मेदार अफसर मामले को किसी भी तरह से मैनेज करने के प्रयास में जुटे हैं।
धौरापार गांव में विधायक निधि से 400 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क बनाई जा रही है। ब्लॉक इस सड़क के लिए कार्यदाई संस्था है। इंटरलॉकिंग सड़क के निर्माण के लिए बेस पर बालू की जगह मिट्टी डाली जा रही थी। अमर उजाला के बृहस्पतिवार तीन जनवरी के अंक में ‘विधायक निधि से बन रही सड़क में भी मानक का उल्लंघन‘ शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेते हुए कार्यदाई संस्था के जेई सुरेंद्र पांडेय व एडीओ पंचायत मैनुद्दीन सिद्दकी जांच करने पहुंचे। इंटरलॉकिंग सड़क का बेस मिट्टी और गिट्टी से बनता मिला। जांच अफसर ने ठेकेदार को तत्काल मिट्टी हटाते हुए स्टीमेट के अनुसार निर्माण कार्य का निर्देश दिया।
इस संबंध में एडीओ पंचायत मैनुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि शिकायतों की जांच अवर अभियंता द्वारा की गई। मौके पर दिखी खामियों को दूर कराते हुए मानक के अनुसार सड़क निर्माण के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जेई सुरेंद्र पांडेय का कहना है कि निर्माण स्थल पर मिट्टी एजिंग के किनारे डालने के लिए रखी गई थी, जिसे हटवा दिया गया है। मानक के अनुरूप निर्माण कार्य कराया जाएगा।
विधायक निधि से धौरापार ग्राम पंचायत में दो सड़कों का निर्माण कार्य हो रहा है, जिसकी कुल लागत करीब 16 लाख रुपये है। इसमें से एक सड़क पर एक लाख 57 हजार रुपये तथा दूसरी सड़क पर लगभग दो लाख रुपये का रनिंग भुगतान किया गया है। दोनों सड़कों के निर्माण की जांच कराई जा रही है। अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-विजय कुमार पांडेय- बीडीओ मेंहदावल