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Sant Kabir Nagar News: बैंक खाते से गायब हो गए 50 हजार, जांच के बाद लौटाए

Tue, 03 Feb 2026 01:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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लोहरौली। बेलहर विकास खंड के पिपरा प्रथम स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा के एक खाते से 50 हजार रुपये निकल गए। इसे बैंक कर्मियों की लापरवाही बताई जा रही है। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय है।
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जानकारी के अनुसार, मदरहा निवासी मनीष का बैंक खाता उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक पिपरा प्रथम में है। उन्होंने बताया कि शनिवार को जब वह केवाईसी कराने बैंक पहुंचे और खाते की जानकारी ली, तो पता चला कि 27 जनवरी 2025 को उनके खाते से 50 हजार रुपये निकाले जा चुके हैं। यह सुनते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना पर परिजन बैंक पहुंचे और कर्मचारियों से पूछताछ की। आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने उल्टा परिजनों को धमकाते हुए कहा कि रकम उनके बेटे ने ही निकाली है। अधिक सवाल करने पर पुलिस बुलाकर जेल भिजवा देने की बैंक कर्मियों ने धमकी दी।
परिजनों के हंगामे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और बैंक से खाते का स्टेटमेंट देने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जब खाता धारक नाबालिग है और उसके पास पैन कार्ड भी नहीं है, तो बिना अभिभावक की मौजूदगी के एकमुश्त 50 हजार रुपये की निकासी कैसे संभव है। मामला तूल पकड़ता देख बैंक कर्मचारियों ने जांच के नाम पर तीन घंटे का समय मांगा। शनिवार दोपहर तीन बजे के आसपास पीड़ित के मोबाइल पर संदेश आया कि 50 हजार रुपये दोबारा खाते में जमा कर दिए गए हैं। इसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।
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पीड़ित के पिता राम नयन ने बताया कि उनके बेटे को खाते से पैसे निकलने की कोई जानकारी नहीं थी। यदि बैंक की ओर से कोई गड़बड़ी हुई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि जितनी अवधि तक राशि खाते से बाहर रही, उसका ब्याज भी दिया जाए। इस घटना ने बैंकिंग व्यवस्था और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस बारे में पिपरा प्रथम ग्रामीण बैंक के मैनेजर मृत्युंजय कुमार ने कहा कि यह मामला एक वर्ष पूर्व हुआ था। वह जल्द यहां ज्वाइन किए हैं। जब उन्हें इस बारे में जानकारी हुई तो छानबीन की और पूर्व में तैनात बैंक मैनेजर से बात कर पीड़ित का पैसा खाते में लौटा दिया। तकनीकी समस्या की वजह से गड़बड़ी हुई है।
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