498 लाभार्थी हो गए लापता, खाते में आती रही पेंशन
वृद्धा पेंशन योजना के सत्यापन में उजागर हुआ मामला, विभाग ने रकम भेजने की प्रक्रिया पर लगाई रोक
- 5860 लाभार्थी पाए गए मृतक, खाते में भेजी गई पेंशन के रकम की वापसी की तैयारी
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत और लाभार्थियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर भले की कर्मियों की तैनाती की गई, लेकिन विभागों तक सही तथ्य परक सूचनाएं समय से पहुंच नहीं पाती है। इसका खुलासा समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित वृद्धा पेंशन योजना के लाभार्थियों के सत्यापन में उभर कर सामने आया है। सत्यापन में 498 लाभार्थियों का पता हीं नहीं चल सका है। जबकि 5860 लाभार्थी मृतक पाए गए हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में लाभार्थी कहां गए और यदि वे अपने मूल पते पर निवासी नहीं कर रहे हैं तो विभाग ऐसे लापता लाभार्थियों को पेंशन की रकम आखिर क्यों भेजता रहा। ऊपर से मृतक लाभार्थियों को भी पेंशन की रकम भेजी जाती रही।
शासन ने वृद्धजनों के भरण-पोषण के लिए वृद्धा पेंशन योजना संचालित किया है। पहले लाभार्थियों को प्रति महीने 500 रुपये की दर से पेंशन दी जाती थी, लेकिन शासन ने जनवरी 2022 से पेंशन की रकम बढ़ाकर दोगुनी कर दी। जनपद में 74,592 लाभार्थियों को वृद्धा पेंशन योजना का लाभ दिया जाता है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में 72,838 लाभार्थी और शहरी क्षेत्र में 1,761 लाभार्थी हैं। वैसे प्रत्येक वर्ष विभाग की ओर से सत्यापन कराया जाता है, लेकिन ग्राम पंचायत स्तर पर नियुक्त कर्मियों की जिम्मेदारी है कि वे लाभार्थियों के बारे में सूचनाएं जुटाकर संबंधित विभाग तक पहुंचाएं, लेकिन ऐसा नहीं होता है। हाल में लाभार्थियों के कराए गए सत्यापन में पाया गया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में कुल 498 लाभार्थी लापता हैं। जबकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में 5860 लाभार्थी मृतक पाए गए हैं। लापता लाभार्थियों के खाते में विभाग के जरिए पेंशन का करीब 37.35 लाख रुपये और मृतक लाभार्थियों के खाते में करीब चार करोड़ 39 लाख 50 हजार रुपये भेजा गया था। ऐसे में देखा जाए तो लापता और मृतक लाभार्थियों के खाते में कुल चार करोड़ 76 लाख 50 हजार रुपये की रकम भेजी गई थी। अब सवाल है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर जांच कर सूचनाएं जुटाई जाती तो इतनी बड़ी रकम लापता और मृतक लाभार्थियों के खाते में नहीं भेजा जाता। जबकि ब्लॉकों में एडीओ समाज कल्याण की भी तैनाती है, लेकिन इन लोगों के जरिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक से नहीं निभाया जाता है। जिसकी वजह से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है।
7190 नए लाभार्थियों का हुआ चयन, पाएंगे पेंशन
समाज कल्याण विभाग की ओर से 7190 नए पेंशनरों को योजना से जोड़ा गया है। जिसका डाटा शासन को भेज दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इन वृद्धजनों को पेंशन योजना का लाभ दिया जाएगा। यह नए पेंशनर शासन के नए निर्देश के तहत 1,000 रुपये प्रति माह की दर से पेंशन योजना का लाभ पाएंगे।
वृद्धा पेंशन योजना के लाभार्थियों का प्रत्येक वर्ष सत्यापन कराया जाता है। यह सच है कि सत्यापन में 498 लाभार्थी अपने मूल पते पर निवास करते नहीं पाए गए हैं। वे कहीं दूसरी जगह शिफ्ट हो गए होंगे। जबकि 5860 लाभार्थी मृतक पाए गए हैं। लाभार्थियों के बारे में त्वरित सूचना दिए जाने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत सचिवों की होती है। इसकी मॉनीटरिंग एडीओ समाज कल्याण के जरिए की जानी चाहिए। इस बारे में सीडीओ के माध्यम से सचिवों को निर्देश पत्र जारी कराया जाएगा कि लाभार्थी परक योजनाओं की सूचनाएं सचिवों के स्तर से समय से संबंधित विभागों को उपलब्ध कराई जाए। लापता पाए गए लाभार्थियों की पेंशन ब्लॉक कर दी गई है। जबकि मृतक लाभार्थियों के खाते से पेंशन की रकम शासन के खाते में वापस किए जाने के लिए संबंधित बैंकों को सूचना भेजी जा रही है। जल्द ही पेंशन की रकम शासन के खाते में वापस करा दी जाएगी, जो लाभार्थी आधार प्रमाणीकरण नहीं कराए हैं, वे जल्द ही करा लें ताकि अगली किस्त उनके खाते में भेजी जा सके।
महेंद्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी