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अभियान पर अभियान, फिर भी 49 हजार से ज्यादा घर को शौचालय का इंतजार

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अभियान पर अभियान, फिर भी 49 हजार परिवार को शौचालय का इंतजार
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संतकबीरनगर। जिले को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए प्रशासन ऐड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। इसके लिए दो बार अभियान भी चलाए गए लेकिन अफसोस की बात है कि हर बार जिले में शौचालय से वंचित हजारों लाभार्थी मिल जा रहे हैं। अब भी जिले में 49400 परिवार ऐसे हैं जिनकेे पास शौचालय की सुविधा नहीं है। डीपीआरओ की ओर से ऐसे वंचित परिवारों को शौचालय योजना का लाभ देने के लिए लिए 60 करोड़ रुपये की मांग शासन से की गई है।
वर्ष 2012 में बेसलाइन सर्वे में पता चला था कि 2.33 लाख परिवार बिना शौचालय के गुजर बसर कर रहे हैं। नवंबर 2018 तक इन सभी परिवारों को शौचालय मुहैया कराई गई। दिसंबर 2018 से जनवरी 2019 तक छूटे हुए परिवारों की पहचान करने के लिए लेफ्ट आउट बेनिफिसरी अभियान की शुरुआत की गई। इस दौरान 67,359 परिवारों को शौचालय योजना का लाभ दिया गया। 15 अगस्त 2019 से 15 सितंबर तक एक बार फिर टोटल सैनिरेशन कॅवरेज नाम से अभियान चलाया गया है। इस दौरान 49,400 ऐसे परिवार मिले हैं जिन्हें शौचालय की सुविधा नहीं मिली है। ऐसे पात्र परिवारों का विभाग की ओर से आधार कार्ड और डिटेल पोर्टल पर अपलोड करा दिया गया है। बजट नहीं होने की वजह से पात्रों को शौचालय योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वैसे 3.33 लाख परिवार जिले में है। वर्ष 2012 से पूर्व ही एक लाख परिवारों के पास शौचालय था। उसके बाद स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत पात्रों को शौचालय योजना का लाभ दिया गया।
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डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी बताते है कि टीएससी अभियान में 49400 परिवार ऐसे तलाश गए है, जिनके पास अब भी शौचालय नहीं है। हर लाभार्थियों को शौचालय निर्माण मद में 12 हजार रुपये की धनराशि योजना के तहत दिए जाने का नियम है। वंचित पात्रों को योजना का लाभ दिए जाने के लिए अभी 60 करोड़ की धन राशि की जरूरत है। इसलिए अब बजट मिलने के बाद ही ऐसे लोगों को इस योजना का लाभ मिल पाएगा।
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