डीडीओ रमेश चंद्रा की अध्यक्षता में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति एवं स्वच्छता मिशन की बैठक गुरुवार को विकास भवन में हुई। जिसमें चयनित 26 गांवों में स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की रूपरेखा बनी। बैठक में यह भी तय किया गया है कि 20 और गांवों को इस योजना में शामिल किया जाएगा। पांच-पांच गांवों का क्लस्टर बनाकर शासन से तय कार्ययोजना के मुताबिक काम किया जाएगा।
डीडीओ रमेशचंद्रा ने कि जनपद जेई एवं एईएस प्रभावित घोषित हैं। जो सूची जिले को प्राप्त हुई है ,उसमें आठ ब्लॉकों के 26 प्रभावित गांवों को चयनित किया गया है। मेंहदावल ब्लॉक का कोई गांव सूची में शामिल नहीं है। ऐसे में यह निर्णय लिया गया है कि 20 और गांवों को योजना में शामिल किया जाएगा। जिसमें मेंहदावल ब्लॉक के पांच गांवों को शामिल किया जाएगा। खलीलाबाद ब्लॉक का गौसपुर गांव सूची में शामिल है, लेकिन यहां पहले से ही इस संबंध में काम हो रहा है।
ऐसे में इस गांव की जगह दूसरे गांव का चयन किया जाएगा। धनघटा क्षेत्र के विधायक अलगू प्रसाद चौहान ने सूची में पौली ब्लॉक का सिर्फ एक गांव चयनित होने और अपने विधान सभा क्षेत्र के कम गांवों का योजना में चयन होने पर आपत्ति उठाई है। योजना के तहत कुल 46 गांवों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कराए जाने की सहमति बनी है।
पांच - पांच गांवों का कलस्टर बनाया जाएगा। योजना के पहले चरण में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नुक्कड़ नाटक आदि माध्यमों से गांव वालों को दूषित पानी पीने के नुकसान के बारे में बताया जाएगा। इन चयनित गांवों पाइप लाइन योजना, मिनी पाइप लाइन योजना के तहत जल निगम विभाग स्टीमेट तैयार करके शासन को भेजेगा। इस दौरान जल निगम के एक्सईएन वीपी सिंह, एई अखिलानंद, मदन मिश्रा, जिला सलाहकार पेयजल अखिलेश विश्वकर्मा आदि उपस्थित रहे।