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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर संगठनों ने फिर भरी हुंकार

Mon, 21 Jan 2019 10:14 PM IST
राकेश पांडेय ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
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पुरानी पेशन बहाली की मांग पर विकास भवन पर धरना देते शिक्षक,कर्मचारी और अन्य। - फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। पुरानी पेंशन बहाली के लिए सोमवार को कर्मचारियों, शिक्षकों व अधिकारियों ने विकास भवन पर धरना दिया। धरने में शामिल विभिन्न संगठनों ने प्रदेश सरकार से पेंशन बहाली की मांग की। इस दौरान सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा।
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धरने को संबोधित करते हुए मंच की संयोजक अंबिका देवी यादव ने कहा कि बुढ़ापे की लाठी पुरानी पेंशन योजना को बंद कर दिया गया है। जिसे फिर से चलाया जाए। संघर्ष समिति के चेयरमैन रामभजन यादव ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर प्रदेश में एक अप्रैल 2005 से नई पेंशन व्यवस्था लागू कर दी है, जो कर्मचारियों के हित में नहीं है। यह शेयर मार्केट पर आधारित नई पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों को स्वीकार नहीं है। केंद्र सरकार पेंशन पर आने वाले व्यय भार और राजकोषीय घाटे का बहाना बनाकर एनपीएस के पक्ष में मनगढ़ंत दलीलें दे रही है और सफेद झूठ बोलकर जनता को गुमराह करते हुए पुरानी पेंशन योजना को निगल जाना चाहती है। यदि समय रहते पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं किया तो सभी कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी मिलकर सरकार के 2019 के चुनावी सपने को दिवा स्वप्न में बदलने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि 28 जनवरी को मशाल जुलूस निकाला जाएगा। धरने को ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष शिव कुमार गुप्त, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुभाष यादव, अनिल सिंह, केसी सिंह, सुयेब अहमद, विष्णु श्रीवास्तव, बुद्धिराम चौधरी, दीनानाथ उपाध्याय आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर अनिल कुमार मिश्र, अवधेश मणि, मीरा भारती, रमेश राय, जफीर अली करखी, रामशरन यादव, नूतन राय, महेंद्र सिंह, गंगा प्रसाद यादव, ओम प्रकाश यादव, परमहंस गौतम, कौशल शुक्ल, अरूण कुमार यादव, शिखा गुप्त, नीलम, प्रिंयका, किरन बाला, प्रीति श्रीवास्तव, आरती यादव, सरिता चौधरी, शशि किरन, अनुपम वर्मा और नीतू सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे।

बंद रहे स्कूल
संतकबीरनगर। पुरानी पेंशन बहाली के लिए विकास भवन पर आयोजित धरने में शिक्षकों के शामिल होने की वजह से परिषदीय विद्यालयों में ताला लटका रहा। ज्यादातर विद्यालय बंद रहे। इससे बच्चे स्कूल से वापस लौट गए।
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