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दुघरा कला गांव के अनाथ हुए वच्चों का हाल

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बच्चों की खोज-खबर लेने पहुंचे विधायक
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अमर उजाला में छपी खबर पढ़कर बढ़ रहे मदद को हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। दुघरा कला गांव के अनाथ तीन भाइयों संदीप, मंदीप और मनीष की कहानी जानकारी मदद के लिए कई लोग आगे आ रहे हैं। शनिवार को धनघटा विधायक श्रीराम चौहान इन बच्चों के घर पहुंचे और उनकी पढ़ाई, दवाई और भोजन की व्यवस्था कराने की बात कही।
बृहस्पतिवार को दुघरा कला गांव निवासी रंजू देवी पत्नी विन्ध्याचल की मौत हो गई। विंध्याचल की आठ पहले ट्रक हादसे में मौत हो चुकी है। पति-पत्नी की मौत से नौ वर्षीय बेटे संदीप, सात वर्षीय मंदीप और पांच वर्षीय मनीष बेसहारा हो गए। ‘अमर उजाला’ ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर शुक्रवार को एसडीएम बाबूराम चौधरी दुघरा कला गांव पहुंचे तो शनिवार को धनघटा के विधायक श्रीराम चौहान भी हाल जानने आए। विधायक ने इन बच्चों के भोजन व पढ़ाई का खर्च देने के साथ ही मां के ब्रह्मभोज में लगने वाला खर्च देने की बात भी कही। विधायक ने जिला पंचायत सदस्य संतोष चौहान को इसके लिए जिम्मेदारी दी। विधायक के साथ जिला पंचायत सदस्य संतोष चौहान व संजय सिंह राठौर, नरेंद्र पांडेय, वीरेंद्र जायसवाल, प्रधान संतोष बेल्दार, फूलचंद्र चौहान आदि लोग पहुंचे थे।
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सीएम के संज्ञान में लाएंगे मामला
विधायक श्रीराम चौहान ने बताया कि इन बच्चों की अच्छी परवरिश तथा आर्थिक मदद के लिए मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा। दिल्ली के अटल बिहारी सेवा संस्थान के संचालक ने उनसे संपर्क किया है, लेकिन अभी इस पर निर्णय गांव के लोगों व बच्चों के रिश्तेदारों की सहमति के बाद किया जाएगा।
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संतकबीर बाल आश्रम भी आगे आया
संतकबीरनगर। दुघरा कला गांव के तीन अनाथ बच्चों की मदद के लिए हर ओर से आवाज उठ रही है। खलीलाबाद में संचालित संतकबीर बाल आश्रम के अधीक्षक डॉ. अजय कुमार पांडेय ने डीएम, जिला प्रोबेशन अधिकारी व न्यायालय बाल कल्याण समिति को पत्र भेजकर तीनों बच्चों की परवरिश के लिए सुपुर्द करने की मांग की है। अधीक्षक ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए संस्था के प्रतिनिधि पारसनाथ एवं यादवेंद्र नाथ को गांव भेजा गया था। डॉ. अजय ने बताया कि संतकबीर बाल आश्रम में इस तरह के कई और भी बच्चे हैं जिनके साथ इन बच्चों की बेहतर परवरिश हो सकती है।
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