नायब तहसीलदार और अधिवक्ताओं में नोकझोंक
चकबंदी व सब रजिस्ट्रार दफ्तर को तहसील परिसर में लाने की हो रही मांग
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। तहसील परिसर में चकबंदी और उप निबंधक कार्यालय लाए जाने की मांग को लेकर धरनारत धनघटा तहसील के अधिवक्ता उग्र होने लगे हैं। बुधवार को नायब तहसीलदार और अधिवक्ताओं के बीच मुकदमे संबंधी कार्य करने को लेकर नोकझोंक हो गई। अधिवक्ता तब शांत हुए जब नायब तहसीलदार ने काम करना बंद कर दिया।
चकबंदी और उप निबंधक कार्यालय तहसील परिसर में संचालित न होकर दूसरे स्थान पर किराए के मकान में चल रहा है। जिसे तहसील परिसर में नवनिर्मित भवन में लाए जाने की मांग को लेकर अधिवक्ता कामकाज ठप कर 26 दिन से धरना दे रहे हैं। बुधवार को नायब तहसीलदार मुकदमे से संबंधित फाइल का निस्तारण सभागार में बैठकर कर रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही वकील उनके पास पहुंच गए और उनसे काम बंद करने की मांग करने लगे। इस पर नायब तहसीलदार और अधिवक्ताओं के बीच नोकझोंक होने लगी। अधिवक्ताओं का कहना था कि जब तक दोनों ऑफिस तहसील परिसर में नहीं आ जाते हैं तब तक न तो काम करेंगे और न ही अधिकारियों को काम करने देंगे। मामला बढ़ता देखकर नायब तहसीलदार ने काम बंद कर दिया। इस मौके पर अधिवक्ता लालसरन सिंह, राधेश्याम मौर्य, पीएन मिश्र, दिलीप राय, शिवप्रसाद राय, हनुमान प्रसाद चौधरी, अरविंद श्रीवास्तव, केशव पाठक, रविशंकर पांडेय, वीरेंद्र पांडेय, शिवप्रसाद आदि लोग मौजूद रहे।