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बगैर कार्य कराए 4.55 लाख का भुगतान

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बगैर कार्य कराए 4.55 लाख का भुगतान
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नाली निर्माण, खड़ंजा और हैंडपंप मरम्मत के नाम पर किया फर्जीवाड़ा
संतकबीरनगर। विकास खंड सेमरियावां के छंगुरिया- बंगुलिया में शिकायत पर हुई जांच में बगैर कार्य कराए ही 4,55,385 रुपये का घपला उजागर हुआ है। जांच में प्रधान, तत्कालीन सचिव और अवर अभियंता दोषी पाए गए हैं। जांच अधिकारी ने दोषी पाए गए तत्कालीन सचिव और अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के खिलाफ कार्रवाई और प्रधान के खिलाफ पंचायतीराज अधिनियम के तहत कार्रवाई की संस्तुति की है।
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छंगुरिया-बगुलिया निवासी मोहम्मद अकरम पुत्र स्वर्गीय मकसूद अहमद ने आठ सितंबर को डीएम को शिकायती पत्र देकर गांव में अनियमितता की शिकायत की थी। डीएम ने प्रकरण की जांच जिला विकास अधिकारी आरआर मिश्र को सौंपी। 18 सितंबर को जांच अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर जांच की। जांच अधिकारी आरआर मिश्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में राज्य वित्त एवं 14वां वित्त से औरंगजेब के घर से सुभाष के घर तक खड़ंजा लगाने के नाम पर 1,67,436 रुपये का भुगतान कराया गया है। जबकि जांच में मौके पर खड़ंजा लगा नहीं पाया गया। इसके लिए तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान दोषी हैे। पंचायत भवन न होने पर भी मरम्मत और निर्माण कार्य दिखाकर भुगतान लेने की शिकायत की जांच की गई। सचिव, प्रधान और ग्रामवासियों ने बताया कि ग्राम पंचायत में पंचायत भवन निर्मित नहीं है। वर्तमान ग्राम विकास अधिकारी अनिल कुमार चौधरी ने लिखित रूप से पक्ष प्रस्तुत किया कि प्रिया शाफ्ट में त्रुटिवश पंचायत भवन मरम्मत अंकित हो गया है। उपभोग प्रमाण पत्र एवं कैशबुक के अनुसार प्राथमिक विद्यालय भवन मरम्मत कार्य पर 231278 रुपये का भुगतान किया गया है। इसमें पंचायत भवन का कहीं उल्लेख नहीं है। प्रिया शाफ्ट पर त्रुटिपूर्ण कैशबुक फीडिंग कराने के लिए तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव दोषी है। जांच में पाया गया कि वर्ष 2018-19 में बिना कार्य कराए हैंडपंप मरम्मत पर 59000 रुपये का भुगतान किया गया है, जो वसूली योग्य है। शासकीय धनराशि के गबन के लिए तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव एवं प्रधान दोषी है। वर्ष 2017-18 में 14वां वित्त के अंतर्गत छुगुरिया- बगुलिया में इश्तियाक के घर से पोखरे तक 150 मीटर नाली निर्माण कार्य का प्राक्लन 2,36000 रुपये किया गया है। अवर अभियंता के जरिए उक्त कार्य का 236767 रुपये का फर्जी मूल्यांकन किया गया है। कैशबुक के अनुसार उक्त कार्य पर 228949 रुपये का भुगतान किया गया है। मौके पर जांच के दौरान मस्टर रोल में उल्लिखित श्रमिकों से भिन्न श्रमिकों से कार्य कराया जा रहा था। वर्ष 2017-18 में भुगतान करने के लगभग तीन वर्ष बाद शिकायत होने पर डरवश कार्य कराया जा रहा था। इससे स्पष्ट हो रहा है कि उक्त धनराशि का गबन किया गया था। इसके लिए तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान एवं संबंधित अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग सेमरियावां दोषी हैं। तत्कालीन सचिव एवं अवर अभियंता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई एवं प्रधान के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई किया जाना उपयुक्त होगा। डीडीओ ने बताया कि जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई हैं। डीएम दिव्या मित्तल ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
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