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80 टीमें, आठ दिन की खोज, 37 टीबी रोगी मिले

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80 टीमें, आठ दिन की खोज, 37 टीबी रोगी मिले
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टीबी को जड़ से समाप्त करने का चल रहा अभियान
आठ दिनों में 253 लोगों में टीबी की जांच हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में टीबी को जड़ से समाप्त करने के लिए 80 टीमें लगाई गईं हैं। आठ दिन तक के अभियान में कुल 253 लोगों की जांच की गई, जिसमें 37 लोग टीबी से ग्रसित मिले हैं। इन टीबी मरीजों का स्वास्थ्य विभाग इलाज करेगा और हर माह 500 रुपये पोषण भत्ता के रूप में भी देगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि दो जनवरी से टीबी मरीजों को खोजने का अभियान शुरू हुआ। ग्रामीण और शहरी मलिन बस्तियों तथा सुदूर क्षेत्रों में चलाए रहे इस अभियान में कुल 80 टीमें बनाई र्गइं हैं। इनमें कुल 16 सुपरवाइजर, चार नोडल ऑफिसर तथा पर्यवेक्षण के लिए स्टेट टीमों के अधिकारियों के द्वारा दौरा किया जा रहा है। अब तक कुल दो लाख की आबादी के बीच संभावित 253 क्षय रोगियों की जांच की गई है। इनमें अभी तक 37 लोग पाजिटिव पाए गए हैं। टीबी के मरीजों को हर माह पौष्टिक आहार के लिए 500 रुपये पोषण भत्ता मिलता है। जबसे उसका इलाज शुरू होता है और जब तक इलाज चलता है। जिन टीमों ने क्षय रोगियों को खोजा है, उन्हें प्रोत्साहन के रूप में 600 रुपये हर पॉजिटिव केस पर दिया जाएगा। एक टीम में कुल तीन सदस्य हैं। इसके अलावा हर सदस्य को प्रतिदिन 150 रुपये के मानदेय के रूप में अलग से दिया जाएगा। इस संबंध में सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह ने बताया कि टीबी को जड़ से समाप्त करने का अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 12 जनवरी तक चलेगा। जिन लोगों में टीबी बीमारी के कुछ लक्षण दिखें, वे टीबी अस्पताल में आकर खुद जांच करा लें। ताकि उसका इलाज किया जा सके।
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छह माह में ठीक हुए मरीज
केस एक-
खलीलाबाद ब्लॉक के बड़गों की रहने वाली एक 45 वर्षीय महिला को मार्च माह मेें टीबी बीमारी का पता चला। महिला ने टीबी अस्पताल में आकर इलाज कराया। छह माह तक चले इलाज में अगस्त माह में वह ठीक हो गई। उसे हर माह पांच सौ रुपये पोषण भत्ता भी मिला।
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केस दो-
मगहर कस्बे की रहने वाली एक 24 वर्षीय युवती को काफी दिनों से खांसी आ रही थी। उसने मार्च माह में टीबी अस्पताल में आकर जांच कराई तो उसे रोग का पता चला। उसके बाद इलाज शुरू हुआ। 21 अगस्त को वह ठीक हो गई। उसे भी हर माह पोषण भत्ता दिया गया।
इन लक्षणों के दिखने पर जरूर कराए जांच
दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी आना।
खांसी के साथ बलगम व बलगम के साथ खून आना।
वजन का घटना, बुखार व सीने में दर्द।
शाम के समय हल्का बुखार होना।
रात में बेवजह पसीना आना।
भूख कम लगने जैसी समस्या ।
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