चुनाव आयोग के निर्देशों के बावजूद अभी तक व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पाईं हैं। हाल यह है जिले के 89 मतदान पर कहीं शौचालय निष्प्रयोज्य है, तो कहीं हैंडपंप खराब है और कहीं रैंप नहीं हैं। जबकि 239 केंद्रों पर अभी तक बिजली की व्यवस्था नहीं हो पाई है। यदि समय रहते ये व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हुईं तो मतदाताओं के साथ ही चुनाव कर्मियों को भी समस्याओं से जूझना पड़ेगा।
जिले में तीन विधानसभा सीटें हैं। इसके लिए 1018 मतदान केंद्र और 1386 बूथ बनाए गए हैं। इसमें मेंहदावल सीट पर 368 मतदान केंद्र और 498 बूथ हैं। जबकि खलीलाबाद सीट पर 335 मतदान केंद्र और 481 बूथ ओर धनघटा सीट पर 315 मतदान केंद्र और 407 बूथ बनाए गए हैं। आलम यह है कि जिले के तीनों विधान सभा क्षेत्रों के 89 मतदान केंद्रों पर अभी भी आयोग के दिशा निर्देश के मुताबिक मुकम्मल इंतजाम नहीं है। 50 केंद्रों पर शौचालय निष्प्रयोज्य हैं, जो अभी तक दुरुस्त नहीं कराए जा सके हैं। जबकि 29 जगहों पर हैंड पंप खराब हैं, जो अभी तक रिबोर नहीं हुए हैं। इसके साथ ही दस जगहों पर रैंप भी नहीं बन पाया है।
239 मतदान केंद्रों पर बिजली की व्यवस्था नहीं हो पाई है। एडीएम एस एन शुक्ल ने बताया कि आयोग का निर्देश है कि मतदान केंद्रों पर बिजली, पानी, शौचालय, रैंप और छाया की समुचित व्यवस्था कराई जाए। जिन केंद्रों पर इनमें से किसी की व्यवस्था नहीं हो पाई है, जल्द ही व्यवस्था करा दी जाएगी। 109 जगह वेबकास्टिंग के मद्देनजर नेटवर्क की व्यवस्था की जा रही है। ईवीएम की चेकिंग हो चुकी है।
6600 कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव में लगी है और उनका डाटा कंप्यूटर में फीड हो चुका है। नौ जोन और 96 सेेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है। नौ उड़न दस्ता और नौ स्टेटिक टीम गठित कर दी गई है जो आचार संहिता प्रभावी होते ही क्रियाशील हो चुकी है। जिले में शांतिपूर्ण ढंग से निष्पक्ष चुनाव कराए जाने की तैयारी जोरों पर चल रही है।