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खतरे के निशान से ऊपर पहुंची घाघरा, दहशत में लोग

Sun, 26 Aug 2018 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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दूसरी बार लाल निशान को पार किया जलस्तर, - फोटो : अमर उजाला
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हैंसर। रविवार को घाघरा नदी तुकर्वलिया नायक में लाल निशान से दो सेमी ऊपर पहुंच गई है। जलस्तर बढ़ने से नदी और बांध के बीच बसे गांव के लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गईं। घर छोड़ कर बांध पर शरण लेने वालों के जहां जल्द घर वापसी की उम्मीदों पर पानी फिर गया वही जो लोग अपने घरो पर रहे है वह भी पलायन की तैयारी में जुट गए। एक सप्ताह से बांध पर रह रहे लोगों को प्रशासन अभी तक राहत सामग्री नही दे सका है, जिससे उनमें रोष बढ़ता जा रहा है।
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शनिवार की सुबह से घाघरा नदी के जल स्तर में वृद्धि शुरू हुई तो शाम चार बजते बजते नदी का 79.18 से बढ़कर 79.30 मीटर पर पहुंच गया। शनिवार के अपेक्षा रविवार को पानी कम बढ़ा लेकिन खतरे की निशान 79.35 को पार करके शाम चार बजे 79.37 पर पहुंच गया है।

पहले से बाढ़ की चपेट में रहे गांव गुनवतिया, चकदहा, भौंवापार, सुअरहा, ढोलबजा, दौलतपुर, सरैया, खरैया, सियाराम अधीन सिंह, कंचनपुर, धमचिया, गायघाट आदि गांव के लोगों की मुश्किले और बढ़ गई। घर से पलायन करके बांध पर शरण लिए सियरकला, गुनवतिया, ढोलबजा और भौंवापार के लोग पानी घटता देख घर लौटने की उम्मीद में थे।
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जलस्तर में वृद्धि से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। बाढ़ पीड़ित दयाराम, मेवाती, सुरेंद्र, बुधई, सुखदेव, जनार्दन, कैलाश, गोविंद आदि का कहना है कि एक सप्ताह से अधिक समय से घर से पलायन कर बांध पर रह रहे हैं। लेकिन प्रशासन के तरफ से राहत सामग्री मुहैया नहीं कराई गई।

पानी कम होने से उम्मीद थी लेकिन पानी फिर बढ़ रहा है। इससे बांध पर रहना मजबूरी है। सरकार उन्हेें बाढ़ पीड़ित मान ही नहीं रही है और कोई मदद नहीं कर रही है। एसडीएम बाबूराम का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना है। कर्मचारी लगाए गए हैं। जहां जैसी जरूरत होगी वहां वैसी मदद अवश्य की जाएगी।
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