संतकबीरनगर। जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। स्थिति यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों को कौन कहें शहरी क्षेत्र में भी कई मोहल्लों में बांस बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। इसके कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। शहर के बंजरिया पश्चिमी, औद्योगिक नगर, जिलाधिकारी कार्यालय के सामने, नेदुला मार्ग सहित विभिन्न मोहल्लों में विद्युत आपूर्ति बांस बल्ली के सहारे की जा रही है। स्थिति यह है कि बांस-बल्ली पर लटके तार इतने नीचे है कि छुट्टा पशु और छोटे-छोटे बच्चों तार के पास आसानी से पहुंच जा रहे हैं। अमर उजाला ने इस संबंध में लोगों से बात की तो उन्होंने विद्युत विभाग के प्रति आक्रोश व्यक्त किया। राम नरायन ने बताया कि बांस-बल्ली के पोल से खतरा बना हुआ है। छोटे-छोटे बच्चे टहलते हुए लटकते तारों के पास पहुंच जा रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ऐसे में विभाग को तत्काल पोल लगवाना चाहिए। मुन्ना पांडेय ने बताया कि शहर में कई स्थानों पर बांस बल्ली के सहारे लगाए गए तार इतने नीचे है कि कभी भी दुर्घटना हो सकती है। अभी कुछ दिनों पूर्व औद्योगिक नगर मोहल्ले में भैंस की मौत बिजली की चपेट में आने से हो गई थी। विभाग को इस दिशा में गंभीरता बरतने की जरूरत है। रविकांत ने बताया कि शहर में बांस बल्ली के सहारे विद्युत आपूर्ति समझ से परे हैं। विभाग को इस दिशा में सोचना चाहिए और तत्काल व्यवस्था में सुधार के लिए कदम उठाना चाहिए। बब्बू मिश्रा ने बताया कि बांस बल्ली के सहारे विद्युत आपूर्ति कतई ठीक नहीं है। इससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। विभागीय अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। अब आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस कदम उठाने की जरूरत है।