संतकबीरनगर। जिले में स्कूली बच्चों को ढोने वाले 51 वाहनों को परिवहन विभाग की ओर से रेड सूची में डाल दिया गया है। इन वाहनों में फिटनेस समेत कई कमियां सामने आने के बाद परिवहन मुख्यालय ने संबंधित वाहनों के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद इन वाहनों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन में 23 वाहनों की फिटनेस करा दी गई, जबकि 10 वाहनों का निलंबन कर दिया गया है। शेष 18 वाहनों के स्कूल प्रबंधन से प्रमाण पत्र लिया गया है कि बिना फिटनेस के इनका संचालन नहीं कराया जाएगा। अब सड़कों पर 28 स्कूली वाहन नहीं दिखेंगे। अगर ऐसा होता है स्कूल संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन आयुक्त की ओर से मिशन सेफ स्कूल फ्यूचर अभियान के तहत अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। पत्र के अनुसार 11 अगस्त से 25 अगस्त तक अनफिट स्कूली वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाया जाना था। इसके तहत प्रत्येक जिले में स्कूली वाहनों की रेड लिस्ट उपलब्ध कराकर उनके संबंध में कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया था।
परिवहन विभाग की ओर से रेड सूची में शामिल सभी 51 स्कूली वाहनों का सत्यापन कराया गया। जांच में सामने आई कमियों के आधार पर वाहनों के संबंध में अलग-अलग कार्रवाई की गई। 23 वाहन संचालकों ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर फिटनेस करा ली है। वहीं नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए 10 वाहनों का निलंबन कर दिया गया है। शेष 18 वाहनों के स्कूल प्रबंधन से प्रमाण पत्र लिया गया है, जिसमें यह सुनिश्चित कराया गया है कि जब तक वाहनों की फिटनेस नहीं हो जाती, तब तक उनका संचालन स्कूली बच्चों के परिवहन के लिए नहीं किया जाएगा।
स्कूल वाहन सुरक्षा समिति की बैठक कराने के निर्देश
परिवहन मुख्यालय ने अभियान के पहले चरण में प्रत्येक जिले में स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर विशेष कार्रवाई करने को कहा था। संबंधित अधिकारियों को अपने मंडल के अधिकारियों के साथ समन्वय कर अभियान की गंभीरता से जानकारी देने तथा जिला विद्यालय यान सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित कराने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही जिले के विद्यालयों की रेड लिस्ट उपलब्ध कराने को भी कहा गया था।
जनप्रतिनिधियों को भी अभियान की जानकारी देने के निर्देश
मुख्यालय के निर्देश में अभियान के संबंध में स्थानीय सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी जानकारी देने तथा मीडिया के माध्यम से अभियान के उद्देश्यों और कार्रवाई का प्रचार-प्रसार करने को कहा गया था। इसके साथ ही जिला प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग, मीडिया प्रबंधन और पत्रकारों के सहयोग से अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए थे।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्ती
स्कूली वाहनों की फिटनेस सीधे तौर पर बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। ऐसे में रेड सूची में शामिल वाहनों की जांच के बाद परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। विभाग की कार्रवाई से साफ है कि बिना फिटनेस स्कूली वाहनों के संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। अब जिन वाहनों की फिटनेस नहीं हुई है, उनके संचालन पर स्कूल प्रबंधन को दिए गए प्रमाण पत्र के अनुसार रोक बनाए रखना विभाग के लिए अगली चुनौती होगी।
यूपीआईएसवीएमपी पोर्टल पर 655 स्कूली वाहन अपलोड
जिले में स्कूली वाहनों के संचालन और उनकी स्थिति की ऑनलाइन निगरानी के लिए उत्तर प्रदेश इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल्स मैनेजमेंट पोर्टल (यूपीआईएसवीएमपी) पर अब तक 655 स्कूली वाहन अपलोड किए जा चुके हैं। पोर्टल के माध्यम से स्कूली वाहनों से संबंधित जरूरी जानकारी दर्ज की जा रही है। परिवहन विभाग की ओर से वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की निगरानी के साथ ही पोर्टल पर दर्ज वाहनों का सत्यापन भी किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अनफिट वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के साथ नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
स्कूली छात्रों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नही किया जाएगा। जांच के दौरान जो भी स्कूल वाहन नियम विरुद्ध चलते हुए मिलेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
- प्रियंवदा सिंह, एआरटीओ