मेंहदावल। मानसून जहां करीब है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन की तरफ से बाढ़ बचाव की तैयारियां आधी-अधूरी हैं। तय समय सीमा के अंदर करमैनी-बेलौली का तटबंध का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। बाढ़ बचाव के नाम पर जिम्मेदारों ने करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाया है लेकिन तैयारियां काफी कम दिख रही हैं। तटबंध पर कार्य देखने से लग रहा है कि मानसून आने से पहले पूरा भी नहीं हो सकेगा।
एक वर्ष पूर्व करमैनी-बेलौली तटबंध की मरम्मत आदि निर्माण कार्य पर शासन स्तर से 25 करोड़ रुपये का धन आवंटित किया गया। तटबंध निर्माण कार्य का शिलान्यास तत्कालीन सांसद प्रवीण निषाद ने किया था। इसमें करमैनी बेलौली के किलोमीटर, 16.225 से 16.800 के मध्य निर्माण होने थे। 1144.92 लाख रुपये खर्च करने थे। दूसरा कार्य 10.010 से किमी 10.510 के मध्य कटाव निरोधक कार्य होने थे। 308.26 लाख रुपये व्यय था। तीसरी परियोजना 7.530 किमी से किमी 7.745 के मध्य एवं किमी 7.835 के मध्य आदि पर कुल 528.57 लाख रुपये खर्च किए जाने थे। इसी तरह अन्य कार्य पूरे होने थे। कई माह से अधिक समय बीतने के बावजूद निर्माण कार्य आधा-अधूरा है। क्षेत्र के अजय पांडेय, शिवमूरत निषाद, दीपनारायण विश्वकर्मा, सुनील तिवारी आदि का कहना है कि इस बार भी तटबंध सुरक्षित नहीं है। कई निर्माण कार्य अधूरे हैं।
काम चल रहा है। तटबंध पर झाड़ झंखाड़ की सफाई कराते हुए मिले सभी रैट्सहोल व रेनकट्स पर मिटटी और बालू की बोरियों को डलवाकर बंद करवा दिया गया है। तटबंध की सुरक्षा में ड्रेनेज पूरी तरह चौबंद है। तटबंध की सुरक्षा से संबंधित शीघ्र सभी जरूरी कार्य पूरा करवा दिया जाएगा।
- वीरेंद्र यादव, अवर अभियंता, ड्रेनेज खंड