सपना हुआ साकार, फिर भी बेकार
- सीएचसी में चार साल पहले स्थापित हुआ था स्वतंत्र फीडर
- ट्रायल के दौरान ही आई खराबी, अब तक नहीं किया गया दुरुस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद में चार साल पहले 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए स्वतंत्र फीडर स्थापित किया गया, लेकिन ट्रायल के दौरान ही खराबी आ गई। जिसे अब तक ठीक नहीं किया जा सका है। इससे मरीजों और तीमारदारों के साथ परिसर में रहने वाले कर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद में बिजली की समस्या दूर करने के लिए शासन ने करीब दो करोड़ रुपये उपलब्ध कराया। सीएचसी को निर्बाध रूप से 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए सीएचसी परिसर में स्वतंत्र फीडर स्थापित कर दिया गया, लेकिन ट्रायल के दौरान ही फीडर में खराबी आ गई। इसे अब तक ठीक नहीं कराया जा सका है। इससे सीएचसी को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की आस अधूरी रह गई है।
लोगों का कहना है कि कार्यदायी संस्था ने जल्दबाजी में मशीन को जमीन पर ही रख दिया। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई बार विद्युत निगम के अधिकारियों को पत्र के जरिए अवगत कराया गया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
जनरेटर पर तीन से चार लाख का अतिरिक्त व्यय
सीएचसी के स्वतंत्र फीडर से नहीं जुड़ने से कई दिक्कतें आ रही हैं। विद्युत से चलने वाले उपकरण सही से नहीं चल पा रहे हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होते ही जनरेटर चलानी पड़ती है। इससे प्रत्येक वर्ष तीन से चार लाख रुपये अनावश्यक रूप से व्यय करने पड़ रहे हैं।
सीएचसी परिसर में स्वतंत्र फीडर स्थापित हुआ है, लेकिन ट्रायल के बाद से ही यह काम नहीं कर रहा है। इसे ठीक कराने के लिए विद्युत निगम को पत्र भेजा गया है। साथ ही आग्रह किया गया है कि समस्या को देखते हुए इसे ठीक कराया जाए ताकि बिजली की समस्या दूर हो सके।
- डॉ. राधेश्याम यादव, अधीक्षक सीएचसी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद को स्वतंत्र फीडर से जोड़ने के लिए कार्य कराए गए हैं। फीडर में कोई दिक्कत आने की जानकारी मिली है। तकनीकी टीम से जांच कराकर जल्द ही खराबी दूर कराई जाएगी।
- दिव्य रंजन, अधिशासी अभियंता विद्युत