कंपोजिट ग्रांट के गोलमाल मामले में 24 प्रधानाध्यापकों को नोटिस
एक प्रधानाध्यापक पहले किए जा चुके हैं निलंबित, 25 विद्यालयों की जांच हुई थी
शासन की टीम ने अगस्त में पकड़ी थी कंपोजिट ग्रांट की धनराशि में अनियमितता
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों में मरम्मत व अन्य कार्यों के लिए आई कंपोजिट ग्रांट की धनराशि में भारी गोलमाल के मामले में एक प्रधानाध्यापक के निलंबन के बाद शुक्रवार को 24 प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह में इन प्रधानाध्यापकों से कंपोजिट धनराशि के खर्च से संबंधित साक्ष्य मांगे गए हैं। साक्ष्य न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अमर उजाला ने 30 अक्तूबर के अंक में कंपोजिट ग्रांट की धनराशि में गोलमाल की शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें परिषदीय विद्यालयों में वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 में शासन ने अवस्थापना कार्यों हेतु जिसमें चहारदीवारी का निर्माण, फर्नीचर क्रय, हैंडपंप, विद्युतीकरण समेत अन्य कार्यों के लिए कंपोजिट ग्रांट के तहत 18 करोड़ की धनराशि भेजी गई थी। शासन ने अगस्त में कंपोजिट ग्रांट की धनराशि कितनी खर्च हुई, उसका भौतिक सत्यापन कराने के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन कर जांच कराई। टीम ने 25 विद्यालयों की जांच की थी। इसमें कंपोजिट ग्रांट की धनराशि निकालने के बाद भी कार्य नहीं कराया जाना पाया गया था। इसके बाद महानिदेशक स्कूली शिक्षा अभियान ने लापरवाह अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। खबर के प्रकाश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने दो नवंबर को हैंसर ब्लॉक के चपरापूर्वी के प्रधानाध्यापक को खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पर निलंबित कर दिया था। इसके बाद शुक्रवार को बाकी 24 प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर कंपोजिट धनराशि के खर्च से संबंधित साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। एक सप्ताह में अगर साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराते हैं तो इन प्रधानाध्यापकों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कंपोजिट ग्रांट की अनियमितता के मामले में 24 प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। अगर साक्ष्य सहित कंपोजिट ग्रांट की धनराशि का विवरण नहीं उपलब्ध कराते हैं तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।