खेतों में खड़ी है अधिकतर किसानों की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जनपद में गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरू हो गई है, लेकिन किसान अपना गेहूं बेचने केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। सोमवार को तीसरे दिन शाम तक सिर्फ 23 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई थी।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 61 क्रय केंद्र बनाए गए हैं।
इसके लिए मार्केटिंग, पीसीएफ, भारतीय खाद्य निगम और यूपीएसएस को खरीद एजेंसी नामित किया गया है। पिछले साल के मुकाबले इस साल गेहूं के समर्थन मूल्य में 110 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि भी की गई है। क्योंकि पिछले विपणन वर्ष में गेहूं का समर्थन मूल्य 2,015 रुपये प्रति क्विंटल था, जिसे बढ़ाकर मौजूदा विपणन वर्ष 2023-24 में 2,125 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
इसके बावजूद गेहूं खरीद की गति बेहद सुस्त है। गेहूं की फसल तैयार नहीं होने की वजह से किसान क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। फसल की कटाई और मड़ाई में 15 अप्रैल से तेजी आने की उम्मीद है।
यही वजह रही कि पहले दिन गेहूं की खरीद नहीं हुई थी। दूसरे दिन रविवार का अवकाश था, जबकि तीसरे दिन सोमवार को तमकुहीराज-द्वितीय जोगिया में सिर्फ 23 क्विंटल धान की खरीद हुई। अन्य क्रय केंद्र सूने रहे।
गेहूं खरीद प्रभारी एडीएम देवी दयाल वर्मा ने बताया कि सोमवार को गेहूं की कुछ खरीदारी हुई है। अभी क्रय केंद्रों पर किसान गेहूं लेकर नहीं आ रहे हैं। इसलिए खरीदारी नहीं हो रही है। क्योंकि अभी गेहूं कटना शुरू हुआ है।