सुभाष चंद्र बोस इंटर कॉलेज में लगी पुलिस की पाठशाला में छात्राओं को किया गया जागरूक
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। मेंहदावल के नेताजी सुभाषचंद्र बोस इंटर कॉलेज मेंहदूपार में शुक्रवार को अमर उजाला की मुहिम अपराजिता के तहत पुलिस की पाठशाला लगी। इसमें सीओ आनंद कुमार पांडेय ने बेटियों से आत्मनिर्भर बनने की अपील की। उन्होंने संकट काल में पुलिस से मदद लेने को कहा। इस मौके पर छात्र-छात्राओं और अध्यापकों ने नारी गरिमा की रक्षा की शपथ ली। समारोह में 412 छात्राओं ने शपथ पत्र भी भरे।
आनंद कुमार पांडेय ने कहा कि छात्र-छात्राओं को अपने आसपास के माहौल पर सतर्कतापूर्ण नजर रखनी चाहिए। अगर उनके साथ कोई व्यक्ति चाहे वह सगा रिश्तेदार ही क्यों न हो, अवांछनीय हरकत करता है तो तुरंत शिक्षक अथवा माता-पिता को जानकारी दें। जरूरत हो तो पुलिस की मदद लें। विशिष्ट अतिथि तहसीलदार मेंहदावल प्रियंका चौधरी ने छात्राओं को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से संबंधित नियमों की जानकारी दी। एसओ धर्मसिंहवा सौदागर राय ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए डॉयल 100 जैसी आपातकालीन सेवाएं हैं। जब भी असुरक्षा महसूस हो तो बेहिचक डायल 100 या 181 पर सूचना दें।
अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता शशिभवन त्रिपाठी तथा संचालन कॉलेज के संस्थापक रामचंद्र शुक्ल ने किया। प्रधानाचार्य हरिशंकर शुक्ला और पूर्व प्रधानाचार्य प्रहलाद गौड़ ने अतिथियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अजय मिश्र, कृष्ण गोपाल मिश्र, साधना द्विवेदी, हरिशंकर राय, विक्रमादित्य राय, जगदीश गुप्ता, हरिशचंद्र, राम भवन त्रिपाठी, अनिल पांडेय, अयोध्या प्रसाद मिश्र, दिनेश कुमार शुक्ल, सुधीर मिश्र, रामरतन मिश्र, शालिग्राम चौधरी आदि मौजूद थे।
इनसेट
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी प्रतिभा
पुलिस की पाठशाला के दौरान विद्यालय की बेटियों ने भजन, गीत, नृत्य और नाटक प्रस्तुत किया। इसमें शिक्षा, नारी सशक्तिकरण, निर्वाचन समेत कई मुद्दे शामिल थे। कक्षा नौ की छात्रा राजेश्वरी और आठ की छात्रा बालेश्वरी के भजन तथा कक्षा नौ की नेहा राव के नृत्य को सबने सराहा। कक्षा 11 की छात्राओं ने ‘शिक्षा अनमोल रत्न’ नामक नाटक का मंचन किया। इसके अलावा भी कई कार्यक्रम हुए।
छात्राएं बोलीं
हौसला बढ़ाएगी यह मुहिम
बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं। शिक्षा और रोजगार के बढ़ते अवसरों ने हालात बदल दिए हैं। अमर उजाला की मुहिम अपराजिता जैसे कार्यक्रमों से बेटियों का हौसला बढ़ेगा।
- सुप्रिया पांडेय
ऐसे आयोजन से बदलेगा समाज
लड़कियों को घर और बाहर अभी बहुत संघर्ष करना पड़ रहा है। लोगों की सोच बदलने के लिए अमर उजाला की यह कोशिश सराहनीय है। ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे आयोजन का असर अभिभावकों पर भी पड़ेगा।
- नेहा पांडेय
अभी तय करना है लंबा रास्ता
दो दशक में समाज में बहुत परिवर्तन आया है। रूढ़ियां खत्म हो रही हैं। परंपराएं बदल रही हैं लेकिन अब भी बेटियों को बराबरी का हक पाने के लिए लंबा रास्ता तय करना है। ऐसे आयोजन से मार्गदर्शन मिलेगा।
- रूबी ओझा
सफलता से बदलेगी सोच
लड़कियों को परिवार व समाज से मिले अवसरों का उपयोग सकारात्मक दृष्टिकोण से करना होगा। बेटियों की सफलता से ही उनके परिवार समाज की सोच में बदलाव आएगा।
- अंजली वर्मा