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गोरखपुर एनजीटी की बैठक में गए थे अफसर

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हाईपावर कमेटी के सामने उठा बखिरा पक्षी बिहार का मामला
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अफसरों ने किसानों की जमीन व अधिकार क्षेत्र की दिक्कत से अवगत कराया
कमेटी के चेयरमैन ने जल्द समाधान की बात कही
जमीन अधिग्रहण की दिक्कत के चलते नहीं हो पा रहा सुंदरीकरण कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। बखिरा पक्षी बिहार के सुंदरीकरण का मामला भी एनजीटी की हाई पावर कमेटी के सामने उठा। बुधवार को गोरखपुर सर्किट हाऊस में हुई मीटिंग में हिस्सा लेने गए जिले के अफसरों ने इस पक्षी बिहार के सुंदरीकरण में आ रही दिक्कतों से अवगत कराया। हाईपावर कमेटी के चेयरमैन ने इसे संबंधित विभाग के अफसरों के संज्ञान में लाकर मामला निस्तारित कराने की बात कही।
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बुधवार को जिलाधिकारी भूपेंद्र एस चौधरी, डीएफओ पी रंग राजू, एसडीएम सदर एसपी सिंह समेत कई अफसर गोरखपुर मीटिंग में गए थे। मीटिंग से लौटकर आए अफसरों ने बताया कि आमी नदी के अलावा बखिरा पक्षी बिहार के प्रकरण पर भी चर्चा हुई। उन्हें बताया गया कि आज भी इस पक्षी बिहार की देखरेख का जिम्मा महराजगंज जिले के सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के पास है। इससे यहां देखरेख में दिक्कत आती है। इसके अलावा पक्षी बिहार के प्रस्तावित विकास कार्यों में जमीन संबंधी अड़चनों की भी जानकारी दी गई। अफसरों ने बताया कि 28.94 वर्ग किमी क्षेत्रफल में विकसित होने वाले इस पक्षी बिहार के पास अभी केवल 15.16 हेक्टेयर जमीन है। शेष 1891.91 हेक्टेयर जमीन ग्राम पंचायतों से तथा 1059.14 हेक्टेयर जमीन किसानों से लेना है। प्रस्तावित जमीन का अधिग्रहण कार्य पूरा नहीं हो पाने के चलते अभी वहां कार्य प्रभावित है। हाईपॉवर कमेटी के चेयरमैन ने इन समस्याओं की गंभीरता से जानकारी ली और इसके निराकरण के लिए प्रयास करने की बात कही। हाईपॉवर कमेटी के चेयरमैन के सामने प्रकरण की चर्चा के बाद इस पक्षी बिहार के सुंदरीकरण की उम्मीदें फिर बलवती हो चली हैं।
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