प्रस्ताव पर चर्चा के बाद हुआ मतदान, परिणाम की घोषणा रोकी गई
अविश्वास प्रस्ताव का मामला कोर्ट में लंबित है, 31 अक्तूबर को होनी है सुनवाई
ब्लॉक प्रमुख मनोज राय ने प्रशासन पर लगाया कोर्ट के आदेश के उल्लंघन का आरोप
प्रमुख के समर्थकों ने एसडीएम के खिलाफ की नारेबाजी, कुछ देर तक बनी रही गहमागहमी
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। खलीलाबाद ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ क्षेत्र पंचायत सदस्यों की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बृहस्पतिवार को दोपहर बाद ब्लॉक सभागार में चर्चा हुई। एसडीएम की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक चली बहस के बाद मतदान का निर्णय लिया गया। मतदान के बाद मतगणना केे मुद्दे पर माहौल गरमा गया। ब्लॉक प्रमुख ने मतगणना को कोर्ट के निर्णय की अवहेलना बताते हुए आपत्ति जताई तो दूसरा पक्ष मतगणना की मांग पर अड़ा रहा। इससे कुछ देर तक शोर-शराबा भी हुआ। परिणाम की घोषणा 31 अक्तूबर को कोर्ट की सुनवाई के बाद की जाएगी। मतगणना के मुद्दे पर एसडीएम ने जानकारी देने से इंकार कर दिया।
खलीलाबाद के ब्लॉक प्रमुख मनोज राय के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मामला करीब एक साल से चल रहा है। मामला हाईकोर्ट में लंबित है। इस पर 31 अक्तूबर को सुनवाई होनी है। इस बीच सदस्यों ने फिर डीएम को शपथ पत्र देकर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा व मतदान की मांग की थी। कोर्ट के निर्देश पर बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे से प्रस्ताव पर चर्चा व मतदान की तिथि तय की गई। ब्लॉक सभागार में होने वाली चर्चा व मतदान के लिए प्रशासन ने सुरक्षा समेत सभी तैयारियां कर रखी थीं। दोपहर 12 बजे सबसे पहले ब्लॉक प्रमुख मनोज राय समेत कई क्षेत्र पंचायत सदस्य पहुंचे। यहां कुल 102 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से एक पद रिक्त है। कोरम के लिए 51 सदस्यों की उपस्थिति जरूरी थी। दोपहर एक बजे तक सदन में ब्लॉक प्रमुख समेत 69 सदस्य पहुंचकर हस्ताक्षर कर चुके थे। कोरम पूर्ति के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू कराई गई। तीन बजे से मतदान शुरू हुआ जो शाम पांच बजे तक चला। मतदान खत्म होने के बाद प्रशासन ने जैसे ही मतगणना की बात कही, ब्लॉक प्रमुख मनोज राय आपत्ति जताते हुए सभाकक्ष से बाहर निकल गए। वहां मौजूद पत्रकारों के सामने प्रमुख ने आरोप लगाया कि प्रशासन कोर्ट और नियमों की अवहेलना कर रहा है। कोर्ट ने केवल मतदान के निर्देश दिए हैं। परिणाम की घोषणा 31 अक्तूबर को होने वाली सुनवाई के बाद की जाएगी। अगर मत पत्रों की गणना होती है तो बिना घोषणा के भी जीत-हार की जानकारी सार्वजनिक हो जाएगी। वे इस मामले को लेकर फिर कोर्ट जाएंगे। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख के समर्थन में सपा जिलाध्यक्ष गौहर अली, लोरिक यादव, वेद यादव, केडी यादव, कोमल यादव, रमेश यादव, निजाम अहमद, राजमन, शैलेंद्र यादव आदि ब्लॉक गेट पर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। शोर-शराबा सुनकर सीओ सदर रमेश कुमार व कोतवाल सुधीर सिंह पहुंचे और सपा नेताओं को समझा-बुझाकर शांत कराया।
गहमा-गहमी के बीच प्रशासन ने लिया सूझबूझ से काम
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने समझदारी से काम लिया। मतगणना पर आपत्ति जताने वाले ब्लॉक प्रमुख समर्थकों ने गेट पर पहुंचकर नारेबाजी शुरू की तो वहां मौजूद कोतवाल सुधीर सिंह ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया और एसडीमए मेंहदावल को बुलाकर लोगों से बात कराई। इसी तरह मतगणना की मांग कर रहे दूसरे पक्ष के नेता रोहित पांडेय को भी बुलाकर एसडीएम से वार्ता कराई। दोनों पक्षों को संतुष्ट किया। शाम करीब छह बजे प्रक्रिया पूर्ण कराकर अधिकारी चले गए।
मतगणना पर नो कमेंट--एसडीएम
एसडीएम सदर एसपी सिंह ने कहा कि कोर्ट के निर्देश पर ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मतदान कराया गया। परिणाम की घोषणा कोर्ट के निर्देशानुसार होगी। एसडीएम ने मतगणना के सवाल तथा उन पर लगाए जा रहे आरोपों पर नो कमेंट कहकर अपनी बात खत्म कर दी।