हैंसर/मेंहदावल। घाघरा और राप्ती के जलस्तर में वृद्धि से जिले के 78 गांवों पर खतरा बढ़ गया है। अयोध्या में खतरे के निशान से ऊपर बह रही घाघरा नदी तुर्कवलिया नायक में अब खतरे के निशान को छूने को बेताब है तो राप्ती धीरे-धीरे लाल निशान के करीब पहुंच रही है।
घाघरा के बढ़ने से धनघटा तहसील के 38 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार को शाम चार बजे राप्ती का जलस्तर 78.26 मीटर पर था जबकि खतरे का निशान यहां 79.50 मीटर है। जलस्तर बढ़ने के चलते तटबंध से सटे 40 गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं।
एक पखवारे से घाघरा नदी के जल स्तर में उतार चढ़ाव जारी है। नदी का पानी बढ़ता हुआ गांवों के करीब पहुंचने लगा है। आगापुर गुलरिहा, खालेपुरवा, गायघाट, गुनवतिया, चकदहा, ढोलबजा, दौलतपुर, कुर्मियान टोला के करीब पानी पहुंच गया है। बीते 24 घंटे के भीतर तुर्कवलिया नायक के पास नदी के जल स्तर में 20 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है।
ग्रामीण उदयभान, आनंदस्वरूप, लालमन, दीनानाथ, सुरेश, स्वामीनाथ आदि का कहना है कि बरसात होने और नदी का पानी बढ़ने से पशुओं के लिए चारा की समस्या हो गई है। गायघाट गांव के पास नदी का कटान जारी है। एसडीएम धनघटा बाबूराम का कहना है कि नदी के जल स्तर में वृद्धि को देखते हुए बचाव के इंतजाम किए जा रहे हैं।
सोमवार को राप्ती का जलस्तर 78.15 मीटर था जो मंगलवार की शाम चार बजे बढ़कर 78.26 मीटर हो गया था। नदी अब खतरे के निशान 79.50 से महज एक मीटर 24 सेंटीमीटर ही नीचे है। जलस्तर बढ़ने से तटबंध पर दबाव बढ़ गया है। विशुनपुर व बेलौली में दबाव अधिक है। बैकरोलिंग के चलते कई जगह कटान हो रही है।
एसडीएम ने किया निरीक्षण
तटबंध से सटे बेलौहा, भरथुआ, करमैनी, नौगो, छपिया तिवारी, इनरपुर, बानडूमर, कुसौना समेत 40 गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं। एसडीएम जसधीर सिंह यादव ने मंगलवार को बेलौली तटबंध का निरीक्षण किया।
उन्होंने जेई को तटबंध की सुरक्षा के लिए जरूरी कार्य कराने का निर्देश दिया। मधुसूदन त्रिपाठी, जगदंबा त्रिपाठी, दिनेश तिवारी, बैजनाथ यादव का कहना है कि नदी का जलस्तर और बढ़ा तो उन लोगों को बड़ी दिक्कत झेलनी होगी। सहायक अभियंता प्रेमलाल का कहना है कि तटबंध को सुरक्षित करने के लिए संवेदनशील स्थलों पर कार्य कराए जा रहे हैं।