संतकबीरनगर। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में 32 बच्चों सहित 50 लोगों की मौत के बाद जिले में अलर्ट कर दिया गया है। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व अन्य चिकित्सालयों में चिकित्सकों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए है। साथ ही जिला चिकित्सालय में सुबह से ही सक्रियता देखी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वार्डों में घूमकर जहां भी ऑक्सीजन मशीन लगी थी, उन्हें चेक किया। जहां थोड़ी बहुत कमियां थी, उन्हें दुरुस्त कराया गया। इस बीच सीएमओ डॉक्टर अभय चंद्र श्रीवास्तव ने जिले के दो बच्चों की मेडिकल कॉलेज में मौत होने की पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने मौत को ऑक्सीजन की कमी से नहीं बल्कि निमोनिया और लीवर की खराबी को जिम्मेदार बताया है।
मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से 32 बच्चों सहित 50 लोगों की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। इसका असर जिले में भी देखने को मिला। मुख्य चिकित्साधिकारी व सीएमएस के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह से मुस्तैद रही। चिकित्सकों ने अस्पताल में घूम कर व्यवस्था को दुरुस्त कराया। इसके साथ ही ऑक्सीजन के लिए लगाए गए सिलेंडर को भी चेक किया गया। ताकि किसी प्रकार के आपात स्थिति से निपटा जा सके। सीएमएस डॉक्टर गिरीश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जिला चिकित्सालय में व्यवस्था चाक चौबंद है। दूसरी तरफ सीएमओ ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व प्राथमिक चिकित्सालयों में भी चिकित्सकों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिए गए है। उन्होंने बताया कि जिले के दो बच्चों की मेडिकल कॉलेज में मौत की हुई है। इसमें एक शिवानी पुत्री बुद्धिराम उम्र साढ़े तीन वर्ष निवासी कुसमैनी को लीवर में इंफेक्शन था, जबकि दूसरे चार दिन की मासूम माजिद पुत्री शाबिर अली निवासी मीरगंज को निमोनिया हुआ था। हालांकि परिजनों का कहना है कि बच्चों की मौत मेडिकल कॉलेज में लापरवाही के कारण हुई है।