20 कॉल... ह्वाट्सएप पर घर से उठा ले जाने की धमकी, फिर भी आरोपी पकड़ से दूर
- सुशील के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल,
- कहा- भाई के मोबाइल फोन में सभी सबूत मौजूद फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं
- तीन अक्तूबर की सुबह गौरापार गांव के पास बाग में पेड़ से लटका मिला था शव
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर।
धनघटा क्षेत्र के नगर पंचायत हैंसर बाजार के मिठना सिठना वार्ड निवासी 28 वर्षीय सुशील को धमकी भरा संदेश देने का आरोपी पांच दिन बाद भी पुलिस पकड़ से दूर है। परिजनों का कहना है कि सूदखोर ने सुशील के मोबाइल पर 20 बार कॉल किया, फिर ह्वाट्सएप पर धमकी भरा संदेश भी दिया है फिर भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। परिजन पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
मालूम हो कि गौरापार गांव के पास स्थित बाग में बृहस्पतिवार सुबह 28 वर्षीय सुशील कुमार यादव का शव पेड़ से लटका मिला था। सुशील की जेब में आधार कार्ड के साथ मोबाइल भी पुलिस को मिला। सुशील के भाई सुनील का कहना है कि भाई की मौत की सूचना उसे कुवैत में मिली। घर पहुंचने के पहले शव का अंतिम संस्कार हो चुका था। अंतिम समय भी भाई का मुंह देखना नसीब नहीं हुआ। सुनील ने बताया कि पुलिस के पास सुशील का मोबाइल फोन था। उसका लाॅक सुशील के दोस्त ने खोला। एक ही व्यक्ति का 20 बार फोन आया मिला और ह्वाट्सएप पर शाम तक घर से उठा ले जाने का संदेश मिला। जिसे वहां पर मौजूद गांव के लोगों ने भी देखा।
सुनील का कहना है कि धमकी देने वाले को पुलिस ने अब तक नहीं पकड़ा है। इससे साफ पता चलता है पुलिस सुशील की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को बचा रही है। सुनील का कहना है कि सुशील को धमकी भरा संदेश क्यों दिया गया इसकी जानकारी नहीं है।
परिजनों को नहीं दी सूचना, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
सुशील की बहन प्रतिमा ने बताया कि भाई के शव मिलने की सूचना पुलिस ने नहीं दी। गांव के कुछ लोगाें से इसके बारे में पता चला। मृतक की बहन का कहना है कि जानकारी पर जब घटनास्थल पर पहुंचते तब तक पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज चुकी थी। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर सुशील के शव को परिवार के लोग देख पाए। बहन प्रतिमा का आरोप है कि पुलिस आरोपियों को बचाने में लगी है, जबकि मोबाइल में पूरा सबूत मौजूद हैं।
सुशील की मौत से बदहवास हैं बाबा
सुशील के बाबा केदारनाथ ने बताया कि उनका नाती सुशील ही घर पर रहता था। वही उनकी दवा आदि लेकर आता था, उसकी मौत हो गई विश्वास नहीं हो रहा है। पुलिस इस मामले में कोई मदद नहीं कर रही है। चार दिन बीतने को हैं, पर इसमें अभी तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
दो भाई और तीन बहनों में सबसे छोटा था सुशील
सुशील के दो भाई और तीन बहनें हैं। बड़ा भाई सुनील कुवैत में नौकरी करता है। वहीं तीन बहनें हैं जिनकी शादी हो चुकी है। सुशील की बहनों को अपने भाई को न्याय मिलने की उम्मीद है। सुनील का कहना है कि पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। मोबाइल में धमकी भरा संदेश किसने दिया है। इसके बारे में पुलिस ने कोई सुराग नहीं लगाया है। ऐसे में हमें न्याय नहीं मिलेगा।
मामले की जांच पुलिस कर रही है। जो भी साक्ष्य हैं उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। परिजन उनसे आकर मिलें और अपनी बात रखें। उनकी मदद की जाएगी।
- सत्यजीत गुप्त,
एसपी