हादसे में एक ही गांव के दो युवकों की मौत
रास्ते में आई नीलगाय को बचाने में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से हुआ हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। शुक्रवार की रात अहिरौली गांव से 500 मीटर पश्चिम रास्ते में आई नीलगाय को बचाने के प्रयास में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट जाने से दबकर दो युवकों की मौत हो गई। सूचना के बाद अहिरौली गांव में कोहराम मच गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर शनिवार को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाली क्षेत्र के अहिरौली गांव निवासी 32 वर्षीय अशोक कुमार पुत्र स्वर्गीय राम अचल अपने गांव के 19 वर्षीय गोविंद पुत्र स्वर्गीय राम प्रकाश का गन्ना पहुंचाने शुक्रवार को खुद के ट्रैक्टर-ट्रॉली से बस्ती जिले के मुंडेरवा चीनी मिल गए थे। रात करीब साढ़े दस बजे दोनों लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से घर लौट रहे थे। ट्रैक्टर अशोक चला रहे थे। जबकि गोविंद बैठे हुए थे। अहिरौली गांव से 500 मीटर पश्चिम पहुंचे ही थे। उसी दौरान अचानक रास्ते में नीलगाय आ गई। उसे बचाने के प्रयास में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई और दोनों लोगों की दबकर मौत हो गई। साथ गए अन्य ट्रैक्टर सवारों ने घटना की सूचना गांव पर दी तो लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर कांटे चौकी की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। चौकी इंचार्ज बलराम पांडेय ने बताया कि जिस जगह हादसा हुआ, उस जगह ढलान था। रास्ते में नीलगाय आने की वजह से ट्रैक्टर पलट गया और दोनों की दब जाने से मौके पर मौत हो गई। एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया गया।
गांव में पसरा सन्नाटा, हर कोई गमगीन
अहिरौली गांव के मृतक अशोक कुमार तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। पोस्टमार्टम हाउस आए बड़े भाई विनोद ने रोते हुए बताया कि डेढ़ साल पहले छोटे भाई पवन और पिता रामअचल की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। रात में हुए हादसे में मझले भाई अशोक की भी मौत हो गई। भाई के दो बेटे और एक बेटी है। भाई की पत्नी सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल था। दूसरे मृतक गोविंद चार भाइयों में छोटे थे। पढ़ाई छोड़कर गोविंद खेती-किसानी में हाथ बंटाता था। उसकी मौत से बड़े भाई महेंद्र, वीरेंद्र और जितेंद्र गमगीन थे। पोस्टमार्टम हाउस आए लोग भी घटना पर अफसोस जताए। पीड़ित परिजनों को लोग ढांढस बंधा रहे थे।