अस्पताल के प्लास्टर रूम से पकड़े गए दलाल, छापे की सूचना पर ओपीडी से चिकित्सकों के कक्ष से भागे दलाल
फोटो है
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में दलालों की लगातार शिकायत मिलने पर सोमवार को सीएमएस ने छापेमारी की। इस दौरान प्लास्टर रूम से दो दलाल पकड़े गए। ये मरीजों को बाहर ले जाकर प्लास्टर और दवा खरीदवाने का कार्य करते थे। सीएमएस ने इन दोनों को कलक्ट्रेट पुलिस चौकी को सौंप दिया। सीएमएस डॉ. भवनाथ पांडेय इसके बाद ओपीडी में पहुंचे तो वहां भगदड़ मच गई। दलालों को पहले ही सूचना हो गई थी। इसलिए ओपीडी से दलाल फरार हो गए थे। सीएमएस की इस कार्रवाई से अस्पताल में करीब एक घंटा तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
जिला अस्पताल में दलाल इस कदर हावी हैं कि ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष में बाकायदा कुर्सी लगाकर बैठते हैं। मरीजों से दवा की पर्ची लेकर बाहर से दवा भी खरीदवाने का कार्य करते हैं। यही हाल एमसीएच विंग का है। यहां पर महिला दलाल सक्रिय हैं। वे प्रसूताओं के अल्ट्रासाउंड से लगायत अन्य कार्य बाहर से करवाती हैं।
अस्पताल की इस दुर्व्यवस्था पर अमर उजाला में लगातार खबराें का प्रकाशन हुआ है। इसके बाद सीएमएस मौके का इंतजार कर रहे थे। सोमवार को उनको सूचना मिली कि प्लास्टर रूम में दो युवक मरीजों से बाहर से एक्स-रे, दवा और प्लास्टर खरीदने के लिए दबाव बना रहे हैं। इसके बाद सीएमएस सुबह नौ बजे के करीब प्लास्टर रूप में पहुंच गए। उन्होंने कमरे को बंद करा दिया। इस दौरान दो बाहरी युवकों से पूछताछ की तो वे कुछ बता नहीं पाए। उसके बाद कड़ाई की तो बताया कि वे लोग मरीजों से दवा खरीदने के लिए कहते हैं। इसमें उनका कमीशन होता है। इसमें अस्पताल के कर्मचारियों व चिकित्सकों का भी कमीशन तय रहता है।
इस पर सीएमएस ने कड़ी नाराजगी जताई और दोनों युवकों को कलक्ट्रेट पुलिस चौकी को सौंप दिया। पुलिस ने दोनों युवकों को चौकी पर लाकर बैठा दिया। इसके बाद सीएमएस ओपीडी में पहुंच गए और वहां कमरों की चेकिंग की।
इस दौरान छापे की सूचना के बाद ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष से दलाल फरार हो गए थे। सीएमएस की इस कार्रवाई से अस्पताल में एक घंटा तक अस्पताल कर्मी और चिकित्सक परेशान रहे। यह जानकारी लेते रहे कि कौन-कौन पकड़ा गया है।
कोट
लगातार शिकायत मिल रही थी। इसलिए सोमवार को प्लास्टर रूम में छापा मारा गया। दो युवक पकड़े गए हैं। उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इसके साथ ही चिकित्सकों और कर्मचारियों को हिदायत दी गई है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को कमरे में बैठाएंगे तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. भवनाथ पांडेय, सीएमएस