अधिवक्ताओं ने एआईजी स्टांप का किया घेराव
तहसील परिसर में ही रजिस्ट्री ऑफिस खोलने की कर रहे हैं मांग
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। रजिस्ट्री ऑफिस को भी तहसील परिसर में लाए जाने की मांग पर अड़े अधिवक्ताओं ने बुधवार को एआईजी स्टांप का घेराव किया। एसडीएम कोर्ट में आए एआईजी से काफी देर तक वकीलों की बहस होती रही।
एआईजी स्टांप त्रिवेणी प्रसाद सिंह एसडीएम कोर्ट में अभिलेख संबंधी किसी कार्य के लिए आए थे। इसकी जानकारी अधिवक्ताओं को हुई तो वे भी तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लालसरन सिंह के साथ वहां पहुंच गए। अधिवक्ताओं का कहना था कि बाढ़ शरणालय के जिस भवन में उप निबंधक कार्यालय संचालित किया जा रहा है, वह जर्जर है। वहां पर अभिलेख असुरक्षित हैं। वहां किसी दबाव में दफ्तर खोला गया है। अधिवक्ता एआईजी स्टांप से दफ्तर वहां से हटाकर तहसील भवन में ही स्थापित किए जाने की बात पर जवाब मांग रहे थे। इससे नाराज वकीलों ने नारेबाजी भी की। इस मौके पर अधिवक्ता प्रेम नरायन मिश्र, वीरेंद्र तिवारी, सुनील पांडेय, अरविंद श्रीवास्तव, दिलीप राय, दिलीप तिवारी, सुरेंद्र सिंह, राधेश्याम मौर्य, हनुमान प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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अभाविप कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
निजी विद्यालयों में अवैध फीस वसूली का किया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान निजी विद्यालयों में व्याप्त अनियमितता और अवैध फीस वसूली का विरोध किया। इसके साथ ही डीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिले में शिक्षा माफिया विद्यार्थियों के समक्ष समस्या पैदा कर रहे हैं। विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अजय दूबे ने कहा कि निजी विद्यालय प्रतिवर्ष प्रवेश शुल्क, बस, ड्रेस, पेनाल्टी आदि के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। अच्छी को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए अभिभावक मजबूरी में सब कुछ झेल रहे हैं। जिला सह संयोजक हर्ष सिंह ने कहा कि सभी निजी विद्यालयों को सभी प्रकार के शुल्क 60 दिन पूर्व सार्वजनिक करना है, लेकिन कोई भी शिक्षण संस्थान ऐसा नहीं कर रहा है। नगर मंत्री मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि निजी विद्यालयों में व्याप्त अनियमितताओं के निगरानी के लिए जिला प्रशासन की एक निगरानी समिति होनी चाहिए जो समय-समय पर इन विद्यालयों की गतिविधियों पर ध्यान रख सके। इस दौरान अभिषेक सिंह, विवेक चौधरी, रितेश श्रीवास्तव, शिवव्रत राय, राजरतन यादव, अनुराग उपाध्याय, राहुल चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
डीएम से मिला ई-रिक्शा चालकों का प्रतिनिधिमंडल
संतकबीरनगर। बुधवार को ई-रिक्शा चालकों का प्रतिनिधि मंडल यूनियन के संरक्षक हरजीत कांदू के नेतृत्व में डीएम से मिला और तीन सूत्री मांग पत्र सौंपा। इससे पूर्व ईओ नगर पालिका से भी मिलकर समस्याओं से अवगत कराया। ट्रेड यूनियन काउंसिल के अध्यक्ष शिवकुमार गुप्ता ने कहा कि ई-रिक्शा प्रदूषण मुक्त होने कारण किसी भी तरह के टैक्स की परिधि में नहीं आता है। इसके बाद भी मनमाने ढंग से ई-रिक्शा चालकों से टैक्सी स्टैंड शुल्क की वसूली की जा रही है। इस पर रोक लगाई जाए। प्रतिनिधिमंडल में श्यामजी अग्रहरि, सदानंद गुप्ता, आरके पांडेय, आकाश मद्धेशिया, सदानंद अग्रहरि, राम अवतार, विकास मद्धेशिया, वंशबली, रोहित गौतम, कपिलदेव, प्रदीप कुमार, सोनू, दिनेश कुमार आदि शामिल रहे।