धनघटा (संतकबीरनगर)। डीएम मार्कंडेय शाही गुरूवार की शाम नाथनगर ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे,जहां अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री आवास के कार्यों में सुस्ती पाए जाने पर बीडीओ का वेतन रोकने का निर्देश दिया। वहीं आवास के वरिष्ठ सहायक को उनके कार्यों में शिथिलता मिलने पर निलंबित करने का आदेश दिया। मनरेगा, लेखा और बीआरसी पर कमियां मिलने पर एपीओ, ब्लॉक एकाउंटेंट, बीईओ कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक लेखा बीआरसी का वेतन रोकने का निर्देश देते हुए एबीआरसी को स्कूल पर सम्बद्ध करने का निर्देश दिया।
डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया कि समीक्षा में वर्ष 2016-17 में ब्लॉक में कुल 1277 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें 77 आवासों की दूसरी किस्त लाभार्थियों के खाते में अभी तक नहीं भेजी गई थी। जबकि 21 लाभार्थियों के खाते में पहली किस्त भी नहीं भेजी गई हैं। आगे बताया कि लापरवाही की वजह से वरिष्ठ सहायक आवास विनय कुमार तिवारी को निलंबित करने और सभी आवासों के निर्माण का कार्य पूरा होने तक बीडीओ प्रवीण कुमार शुक्ल का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है। अधूरे अभिलेख मिलने पर ब्लॉक एकाउंटेंट विश्वविजय पांडेय का भी वेतन रोकने का निर्देश दिया। मनरेगा सेल में वेजलिस्ट पर हस्ताक्षर न होने और कार्यक्रम अधिकारी की वित्तीय स्वीकृति के बिना भुगतान होने के कारण एपीओ मनरेगा ऋषि सिंह का भी वेतन रोकने का निर्देश दिया हैं। सीडीओ की जांच में बीआरसी पर मिली तमाम अनियमितताओं के कारण खंड शिक्षा अधिकारी महेंद्र प्रसाद, सहायक लेखा शेखर प्रताप सिंह और कंप्यूटर ऑपरेटर यशोदानंद तिवारी का भी वेतन रोकने का निर्देश दिया है। डीएम ने बीआरसी पर रहने वाले तीनों एबीआरसी इंद्रकांत चौधरी, परविंद्र कुमार और अशोक कुमार गुप्त को विद्यालय में सम्बद्ध करने का निर्देश दिया।