संतकबीरनगर। जिन विभागों के अदालतों में मामले लंबित हैं और उनमें काउंटर लगाया जाना है ऐसे विभागाध्यक्ष लंबित मामलों मेें जाकर काउंटर लगाए और स्थिति स्पष्ट करें कि क्यों अभी तक काउंटर दाखिल नहीं किए गए। इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाले छह अधिकारियों का वेतन रोका जाता है।
डीएम मार्कण्डेय शाही ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मासिक समीक्षा बैठक की । अध्यक्षता करते हुए कहा कि कोर्ट में लंबित चल रहे वादों की समीक्षा करते हुए पाया गया कि कई विभागों में वर्ष 2012 से मामले चल रहें है, लेकिन अभी तक उसमें काउंटर दाखिल नहीं किए गए हैं। ऐसे में उन्होंने निर्देश दिया है कि विभागाध्यक्ष जब तक स्थिति स्पष्ट न कर दें तब तक उनके वेतन रोक दिए जाए। उन्होंने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, डीपीआरओ, बीएसए , प्राचार्य डायट, जिला कार्यक्रम अधिकारी व खंड विकास अधिकारी बेलहरकला के वेतन रोके जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष साईट पर जा कर अपने अपने विभाग की याचिकाओं को देखे और उसी पर उसके स्टेटस अपलोड कर दें, जिससे वादों की स्थिति स्पष्ट हो सके । डीएम ने कहा कि शासन की मंशा है कि वादों का निस्तारण समय से कराया जाए और विभागाध्यक्ष इसमें लापरवाही कदापि न करें। इसके बाद जिलाधिकारी शिकायत संदर्भों की समीक्षा करते हुए उसे लंबित विभागों के विभागाध्यक्षों को पारदर्शिता के साथ समय सीमा के अन्तर्गत निस्तारण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कर करेत्तर की समीक्षा करते हुए इस बात के निर्देश दिए कि सभी विभागाध्यक्ष अपने अपने लक्ष्य को हर हालत में प्राप्त करेें।
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इस बैठक में एडीएम अनिल कुमार मिश्र, डीएफओ केडी सिंह, एसडीएम सदर आलोक यादव, एसडीएम मेंहदावल प्रफुल्ल त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।