संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर के बंजरिया पूर्वी मोहल्ले में किराए के मकान में रहने वाली शिक्षिका पारूल की मौत की वजह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। पुलिस के मुताबिक प्रेम में धोखा की वजह से शिक्षिका ने आत्म हत्या कर लिया था। इंचार्ज प्रधानाध्यापक के खिलाफ दर्ज हत्या के मुकदमे को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आत्म हत्या के लिए प्रेरित करने की धारा में बदल दिया।
मेरठ शहर के थाना क्षेत्र टीपीनगर के नई बस्ती लल्लापुरा की रहने वाली शिक्षिका पारूल पुत्री सुंदर सिंह बघौली ब्लॉक क्षेत्र के जूरी प्राथमिक विद्यालय पर तैनात थी। शिक्षिका खलीलाबाद शहर के बंजरिया पूर्वी मोहल्ले में रिटायर्ड शाखा प्रबंधक ओम प्रकाश सिंह के मकान में छह-सात साल से किराए पर कमरा लेकर रहती थी। 29 अगस्त को शिक्षिका की संदिग्ध हाल में मौत हो गई थी। शिक्षिका के भाई कुलदीप सिंह पुत्र सुंदर सिंह ने आरोप लगाया था कि 29 अगस्त को दिन में करीब 12 बजे उसकी मोबाइल पर प्राथमिक विद्यालय जूरी के प्रभारी प्रधानाध्यापक अनिल सिंह ने फोन करके बहन पारूल के सुसाईड की सूचना दी थी। बहन तबियत खराब होने की वजह से छुट्टी पर थी। जबकि अनिल सिंह प्रभारी प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय जूरी पर डियूटी पर थे। इसके बावजूद वे पारुल के कमरे में किसके कहने पर गए थे। वहीं कमरे का फाटक खोले और पारुल को फांसी के फंदे से नीचे उतारे और खुद ही डॉक्टर के यहां भी बहन को लेकर गए। इसकी वजह से शक है कि अनिल सिंह घटना के समय कमरे में मौजूद थे और बहन की मौत के जिम्मेदार है। पुलिस इंचार्ज प्रधानाध्यपक के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच पड़ताल कर रही है। कोतवाल वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि शिक्षिका की डायरी से कुछ अहम सुराग हाथ लगे है। वैसे जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि वर्ष 2010 में शिक्षिका तपारुल और इंचार्ज प्रधानाध्यापक अनिल सिंह की साथ- साथ जिले में तैनाती हुई थी। उसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया था। इंचार्ज प्रधानाध्यापक अक्सर शिक्षिका से मिलने उसके कमरे पर जाते - रहते थे। इधर कुछ समय से दोनों के बीच दूरिया हो गई थी। शिक्षिका के फोन करने पर भी अक्सर अनिल सिंह नहीं उठाते थे। जिसको लेकर शिक्षिका अपसेट रहती थी। प्रेम में धोखा की वजह से ही शिक्षिका ने आत्म हत्या कर लिया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी शिक्षिका की मौत की वजह लटकने की वजह से दम घुटने से होना आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में उभर कर सामने आए तथ्यों के आधार पर ही हत्या की धारा को आत्म हत्या करने के लिए प्रेरित करने के मामले में बदल दिया गया है। इधर आरोपी बनाए गए इंचार्ज प्रधानाध्यापक अनिल सिंह खुद को निर्दोष होने की सफाई दिए। आगे बताया कि उनके और शिक्षिका पारुल के बीच सिर्फ इंचार्ज प्रधानाध्यापक व सहयोगी अध्यापक होने का ही संबंध था। उनकी मांग थी कि यदि पुलिस शिक्षिका पारुल और उनकी मोबाइल के कॉल डिटेल निकाल कर जांच करें तो संबंध होने और नहीं होने का मामला साफ हो जाएगा।