संतकबीरनगर। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के आह्वान पर सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित 13 सूत्री मांग पत्र डीएम को दिया।
जिलाध्यक्ष मंजू देवी ने कहा कि 22 अक्टूबर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता परियोजना कार्यालयों पर काम बंद कर अनिश्चितकालीन धरना दे रहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि धरने के कारण वजन दिवस फेल हो गया है, इसके बाद भी सरकार नहीं चेत रही है। मंडल अध्यक्ष शिव सागर पांडेय ने कहा कि 42 वर्षों से इतने कम मानदेय पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती, धात्री एवं नौनिहालों की सेवा करती आ रहीं हैं। दूसरे विभागों का काम भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लिया जा रहा है। पूर्व की सपा सरकार ने केवल समझौते और आश्वासन पर ठगा तो अब भाजपा सरकार भी ऐसा ही कर रही है। ऐसे में लोकसभा चुनाव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भाजपा की सबक सिखाएंगी।जिला मंत्री गरिमा सिंह ने कहा कि अन्य प्रांतों में मानदेय बढ़ाया गया, लेकिन प्रदेश की सरकार खामोश बैठी हुई है। जिला संरक्षक अयोध्या प्रसाद चौधरी ने हमें एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। जब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा और मानदेय की बढ़ोत्तरी नहीं कर दी जाती है तब तक चुप नहीं बैठेंगे। ट्रेड यूनियन कौसिल के नेता कामरेड केके श्रीवास्तव ने सरकार को महिला विरोधी बताते हुए आधी आबादी को उनका हक देने और जायज मांगों को पूरा करने की गुजारिश की। धरना को नव नियुक्त कार्यवाहक अध्यक्ष नीलू मिश्रा, विमला राय, मीरा शुक्ला, मांडवी मिश्रा, बीना मौर्या, रानी देवी, विमला चौधरी, औसीमा खातून, उषा मिश्रा, राजेश्वरी यादव, राजमती, प्रकाशमति, प्रतिभा उपाध्याय, उषा गौतम, ज्ञानमती, नीलम पांडेय, मंजू सिंह, इंद्रमणि, सुरेश कुमार, गुरूचरन, जयराम पांडेय, इकबाल अहमद, नीलम राय, बीना मिश्रा आदि ने संबोधित किया।