पशुओं के अस्पताल में रह रहे जहरीले जानवर
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जर्जर हो गया है लोहरौली ठकुराई का पशु अस्पताल, दरवाजे, खिड़कियां टूटे
अमर उजाला ब्यूरो
भिटवा बाजार। क्षेत्र के ग्राम लोहरौली ठकुराई में स्थित पशु चिकित्सालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। विभागीय जिम्मेदारों की लापरवाही एवं उदासीनता के चलते शासन की मंशा पर ग्रहण लगा हुआ है। देखरेख एवं मरम्मत के अभाव में अस्पताल का भवन जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। जर्जर भवन जहरीले जीव जंतुओं की शरण स्थली बना हुआ है।
क्षेत्र के लोहरौली ठकुराई में शासन ने पशुओं के इलाज के लिए दशकों पूर्व पशु चिकित्सालय स्थापित किया था। जिससे दर्जनों गांवों के पशुपालकों को यह आस जगी थी कि अब पशुओं के दवा इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, लेकिन पशु अस्पताल पर उत्पन्न समस्या तथा विभागीय जिम्मेदारों की उदासीनता एवं लापरवाही के कारण शासन की मंशा कागजी खानापूर्ति तक सीमित होकर रह गई है। दरवाजे व खिड़कियां टूटी हुई हैं। अस्पताल में उत्पन्न समस्या व तैनात कर्मियों का नियमित न बैठना क्षेत्रीय पशुपालकों की परेशानी का सबब बना हुआ है। जानकारी के बाद भी विभागीय जिम्मेदार मामले से अनजान बने हुए हैं। वर्तमान में अस्पताल की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। क्षेत्र के जुबेर अहमद, रिसालत हुसेन, राजू वर्मा, अनिल वर्मा, संतोष कुमार, सुनील वर्मा, परवेज आलम खान, सदाकत हुसेन, वसीयत हुसेन, सलीम अहमद, कलीम अख्तर आदि ने शासन -प्रशासन से पशु चिकित्सालय के जीर्णोद्धार कराए जाने तथा पशुओं के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की हैं।