मेंहदावल। राप्ती नदी के बढ़या ठाठर में पुल बनाकर मेंहदावल तहसील क्षेत्र को गोरखपुर के कैंपियरगंज तहसील क्षेत्र से सीधे जोड़ने की मंशा आठ वर्ष बाद भी अधूरी है। वर्ष 2010 में तत्कालीन बसपा सरकार ने पुल निर्माण के लिए 14 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी थी। काम भी शुरू हुआ, लेकिन कभी मौसम तो कभी सत्ता परिवर्तन के चलते यह परियोजना अब तक पूरी नहीं हुई। इसके दोनों जनपदों के एक लाख से अधिक की आबादी को अब भी एक दूसरे के क्षेत्र में जाने के लिए लंबी यात्रा करनी पड़ रही है।
संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल तहसील क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी पर बढया ठाठर गांव के समीप वर्ष 2010 में कैंपियरगंज के तत्कालीन वनमंत्री फतेह बहादुर सिंह की पहल पर पुल निर्माण की स्वीकृति मिली थी। 14 करोड़ की लागत से बनने वाला यह पुल मेंहदावल व कैंपियरगंज तहसील क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पुल निर्माण से मेंहदावल क्षेत्र के करीब 300 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं इस क्षेत्र से पीपीगंज व गोरखपुर तथा महराजगंज की दूरी काफी कम हो जाएगी। मेंहदावल तहसील क्षेत्र के बेलहर व सांथा ब्लॉक के लोगों को भी इस पुल के निर्माण से लाभ मिलेगा। पुल के निर्माण को पूरा कराने के लिए लोगों ने आंदोलन किया लेकिन पांच वर्षों में इस पर कोई कार्य नहीं हुआ। भाजपा की सरकार आने के बाद कैंपियरगंज के विधायक फतेह बहादुर सिंह ने पुल निर्माण के लिए फिर से प्रयास शुरू किया।