कांटे। सेमरियावां ब्लॉक की कठिनइया नदी पर स्थित असनहरा घाट पर पक्के पुल के निर्माण के लिए बुधवार को सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी के प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष शैलेश राजभर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जल सत्याग्रह किया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।
भासपा के प्रशासनिक समिति अध्यक्ष शैलेश राजभर ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी असनहरा और मुंडेरवा के बीच पक्का पुल नहीं बन पाया। बार बार स्थानीय लोग मांग उठाते रहे और अधिकारी आश्वासन देते रहे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग आजादी से पहले वाली आज भी बनी हुई है।
चार किलोमीटर से अधिक दूरी का चक्कर काटने से बचने के लिए अपने संसाधनों से बांस का पुल बनाकर असनहरा घाट पर कठिनइया नदी पार करते है। जबकि चीनी मिल मुंडेरवा और असनहरा गांव के बीच की दूरी मात्र एक किलोमीटर है, लेकिन बीच में कठिनइया नदी पड़ती है।
जिस पर पक्का पुल बनाने की मांग दशकों से चली आ रही है। हालांकि सरकार ने असनहरा गांव को पिच मार्ग से जोड़ दिया है, किंतु इस रास्ते से होकर मुंडेरवा की दूरी चार किलोमीटर है।
ग्राम पंचायत चंगेरा-मंगेरा के राजस्व ग्राम असनहरा के लोग इसी दूरी से बचने के लिए सैकड़ों साल से कठिनइया पर बांस का पुल बनाकर लोग आते-जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक पक्के पुल बनाने का आदेश जारी नहीं हो जाता है तब तक यह जल सत्याग्रह आंदोलन चलता रहेगा।
इस दौरान सुमिरन राजभर, रामतिलक, राम नेवास, केवला देवी, देवेंद्र राजभर, महेश, देवीसरन, राजेंद्र, नरसिंह, दिलीप, सागर, हरीश, झिनकू, बीडीसी शेषनाथ यादव आदि मौजूद रहे।