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नियम को दरकिनार कर मनरेगा में खर्च कर दिया 45 लाख रूपये

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मनरेगा - फोटो : amar ujala
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संतकबीरनगर। जिले में मनरेगा योजना का बुरा हाल है। इस वित्तीय वर्ष के तीन महीने गुजर गए और अभी तक 16 ग्राम पंचायतों में मानव दिवस का सृजन तक नहीं हुआ। इसके अलावा 411 मस्टर रोल पर भुगतान लंबित है। इतना ही नहीं आठ ब्लॉकों में 45 लाख रुपये प्रशासनिक व्यय पर अधिक खर्च कर दिया गया। सीडीओ ने इन सभी ब्लॉकों के बीडीओ, एपीओ और लेखाकार को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। सीडीओ हाकिम सिंह ने बताया कि मनरेगा में मजदूरी और सामग्री मद में खर्च होने वाली धनराशि का चार प्रतिशत धन की प्रशासनिक मद में खर्च करने का प्रावधान है। सांथा ब्लॉक को छोड़ कर अन्य आठ ब्लॉकों में अनुमन्यता का उल्लघंन करते हुए प्रशासनिक व्यय पर 45 लाख रुपये अधिक खर्च कर दिया गया है। आयुक्त ग्राम्य विकास ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है। संबंधित ब्लॉकों के बीडीओ और एपीओ के अलावा लेखाकार को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। मनरेगा योजना में तीन माह बीत जाने के बाद भी 16 ग्राम पंचायतों में अभी तक मानव दिवस सृजित नहीं किया गया है। बघौली में एक ग्राम पंचायत, हैंसर बाजार में दो, खलीलाबाद में चार,मेंहदावल व नाथनगर में एक ,सांथा में पांच और सेमरियावां में दो ग्राम पंचायतों में अभी तक कार्य शुरु नहीं हुआ है। जिले में 15 दिन से अधिक समय से 411 मस्टर रोल पर अभी तक भुगतान लंबित है। जुलाई तक यदि मानव दिवस सृजित नहीं हुए तो संबंधित ग्राम पंचायतों के राज्य वित्त के खाते पर भी धननिकासी के लिए रोक लगा दी जाएगी। मनरेगा में वैसे 24 करोड़ का भुगतान हुआ है, जिसमें 35 करोड़ का भुगतान विलंब से हुआ है। लापरवाही बरतने वाले बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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