नकल होने पर केंद्र व्यवस्थापक जाएंगे जेल: डीएम
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन संपन्न कराने के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने केंद्र व्यवस्थापकों और अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी तय की। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जिस केंद्र पर नकल होते पाया गया, वहां के केंद्र व्यवस्थापक को जेल भेजा जाएगा। साथ ही संबंधित सेक्टर व स्टेटिक मजिस्ट्रेट पर भी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि जनपद में बोर्ड परीक्षा के लिए 81 केंद्र बनाए गए हैं। जिसकी निगरानी के लिए तीन जोनल मजिस्ट्रेट, 16 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 81 स्टेटिक मजिस्ट्रेट और चार सचल दस्ते बनाए गए हैं। नकल वाले विद्यालयों पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों आदि की जांच करने को कहा। कहा गया कि हर कमरे में दो-दो कैमरे और वॉयस रिकार्डर भी होने चाहिए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा से संबंधित कोई भी समस्या हो तो जनपद स्तर पर बने कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नकल की शिकायत उनसे या डीआईओएस से की जा सकती है। डीएम ने पुलिस अधिकारियों को केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस फोर्स उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने परीक्षा कराए जाने के तरीके, उत्तर पुस्तिकाओं की उपलब्धता तथा तीन संकलन केंद्रों के बारे में बताया। कहा कि बिना परिचय पत्र के कोई शिक्षक व कर्मचारी परीक्षा केंद्र के अंदर नहीं रहेगा। बैठक में एडीएम रणविजय सिंह, एएसपी असित श्रीवास्तव, एसडीएम सदर एसपी सिंह, एसडीएम मेंहदावल जसधीर सिंह यादव, बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय द्विवेदी, प्रधानाचार्य उदयभान सिंह सहित कई केंद्र व्यवस्थापक मौजूद रहे।