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जल स्तर में बढ़ोतरी

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लाल निशान से ऊपर पहुंचा घाघरा नदी का जलस्तर
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आठ गांवों में चार दिनों से घुसा है पानी, एमबीडी बांध व नदी के बीच बसे गांवों में हालात बद्तर
प्रशासन ने अब तक कहीं शुरू भी नहीं किया राहत और बचाव कार्य
फोटो है
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। रविवार की सुबह से घाघरा के जलस्तर में फिर वृद्धि शुरू हो गई है। नदी खतरे के निशान से तीन सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे एमबीडी बांध और नदी के बीच बसे गांवों में बाढ़ के हालात और गंभीर हो गए हैं। जिन आठ गांवों में बाढ़ का पानी पहले से घुसा हुआ है, वहां के लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का भी इंतजाम प्रशासन नहीं कर रहा है।
घाघरा नदी के किनारे धनघटा तहसील के 38 गांव बसे हैं। नदी का जलस्तर एमबीडी बांध को छूता है तो ये गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। पूर्वी छोर पर बसे गायघाट, चकदहा, गुनवतिया, सरैया, खरैया, ढोलबजा, सुअरहा, दौलतपुर, भौंवापार में चार दिनों से पानी घुसा हुआ है। लोग अपने घरों में ही रुककर बाढ़ खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। रविवार को नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण आगापुर, गुलरिहा, खालेपुरवा, पटौवा, पड़रिया, भरपुरवा समेत नदी के किनारे बसे अन्य सभी गांवों के चारों तरफ पानी फैल गया। रास्तों पर भी पानी बहने लगा है।
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घर छोड़कर निकलने वालों को देंगे मदद
बाढ़ से कई दिन से प्रभावित गायघाट के समीपवर्ती गांवों में प्रशासन नाव के अलावा अन्य कोई सरकारी सहायता नही पहुंचा सका है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जब तक बाढ़ से घिरे लोग घर छोड़कर बांध की तरफ नहीं निकलते, तब तक उन्हें खाद्यान्न समेत अन्य सामान नहीं मिल सकता है। अभी तक किसी के घर छोड़ने की नौबत नहीं आई है। उधर, बाढ़ से प्रभावित रामकरन, रामशंकर, दीनानाथ, रामसुरेश, जयराम, कैलाश आदि का कहना है कि बाढ़ से घिरे लोगों को प्रशासन ने अब तक कोई मदद नहीं दी है। उन लोगों को प्रशासन से बहुत उम्मीद भी नहीं है।

कहीं कोई खतरा नहीं है : एसडीएम
एसडीएम बाबूराम का कहना है कि नदी के जलस्तर में मामूली बढ़ोत्तरी हुई है। नदी खतरे के निशान से कुछ ही ऊपर है। कहीं पर भी किसी तरह का खतरा नहीं है। प्रभावित लोगों की हर संभव मदद के लिए प्रशासन तैयार है।
बाढ़ से पीड़ित लोगों को मदद नहीं मिली तो करेंगे आंदोलन
बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे पूर्व विधायक ने मदद का दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। कई दिनों से धनघटा तहसील के गांव घाघरा नदी की बाढ़ से घिरे हैं। घरों में कैद लोग खाली पेट सो रहे हैं। इसके बाद भी अभी तक पीड़ितों को सरकारी सहायता नहीं देना महापाप है। डीएम से मिलकर पीड़ितों की मदद की मांग करेंगे।
यह बातें पूर्व विधायक अलगू प्रसाद चौहान ने रविवार को बाढ़ से प्रभावित गांव गायघाट आदि में पीड़ितों से मिलने के दौरान कहीं। पूर्व विधायक ने कहा कि लोगों के घरों में पानी घुस गया है। रास्ते पर पानी बह रहा है और स्कूल भी बंद है। इसके बाद भी प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित गांवों को मैरुण्ड घोषित नहीं किया है, जबकि किसानों की फसल भी बर्बाद हो चुकी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने जल्दी बाढ़ पीड़ितों तक मदद नहीं पहुंचाई तो सपा इस मामले को लेकर आंदोलन करेगी।
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इस मौके पर सपा के विधान सभा क्षेत्र अध्यक्ष जयराम यादव, लालबहादुर यादव, फारुख खा, वीरेंद्र यादव, डॉ. दीपनरायन यादव, संजय यादव आदि लोग मौजूद रहे।
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