फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्रावण मास के तीसरे सोमवार को शिवालयों में उमड़े श्रद्घालु

Mon, 13 Aug 2018 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
विज्ञापन
तामेश्वरनाथ शिव मंदिर पर जल चढ़ाते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
संतकबीरनगर। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को तामेश्वरनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने आधी रात के बाद जो जलाभिषेक शुरू किया तो वह सिलसिला सोमवार की शाम तक बना रहा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग के अलावा श्रद्धालुओं की कतार को मंदिर के सामने स्थित पोखरे तक लगवाया गया था।
विज्ञापन

मंदिर प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने सोमवार की भीड़ को देखते हुए जरूरी इंतजाम पहले ही कर लिया था। मंदिर के पुजारी ब्रह्मशंकर भारती और व रामपुर के ग्राम प्रधान मन्नन भारती ने बताया कि रात एक बजे से मंदिर का कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया था। पवित्र नदियों से जल लेकर पहुंचे कांवड़ यात्रियों ने जलाभिषेक शुरू किया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिलाओं व पुरुषों की अलग-अलग कतार लगाई गई थी। पुलिसकर्मी बारी-बारी से इन्हें जलाभिषेक के लिए मंदिर में प्रवेश दे रहे थे। भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने सफाई का भी बेहतर प्रबंध किया था। श्रद्धालुओं की तरफ से चढ़ाए गए भांग, धतूर, बेलपत्र आदि को हटाया जा रहा था। मंदिर की सीढ़ियों व परिसर को भी साफ किया जा रहा था। मुख्य मंदिर के बगल में बैठे पंडित लोगों का रुद्राभिषेक भी करा रहे थे। भक्तों की भीड़ को देखते हुए दिव्यांगों के लिए मंदिर के दाहिने तरफ से अलग व्यवस्था की गई थी। वहां बैरिकेडिंग कर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था, जिससे कि वहां से केवल दिव्यांग व शारीरिक रूप से अशक्त लोग ही अंदर जा सकें। तामेश्वरनाथ मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने एसपी शैलेष कुमार पांडेय भी पहुंचे। उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक कर जिले में सुख शांति व समृद्घि की कामना की। इसके अलावा एसओ दुधारा करुणाकर पांडेय, चौकी इंचार्ज तामेश्वरनाथ श्रवण कुमार यादव, एसओ महिला थाना अनीता यादव समेत कई पुलिस अफसरों ने सुरक्षा व्यवस्था संभाल रखी थी। शिवभक्तों की भीड़ में घुसी महिला चेन स्नेचर को मंदिर समिति से जुड़े लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। भीड़ का फायदा उठाकर स्नेचर ने एक महिला के गले से चेन खींच ली थी। इसके बाद मंदिर समिति की तरफ से लगातार महिला श्रद्घालुओं से इस बात की अपील की जाती रही कि वे अपने स्वण आभूषण बाहर निकालकर ही मंदिर में प्रवेश करें।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें