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थैले में सब्जी लेती महिला। - फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। प्रदेश में पॉलिथीन पर प्रतिबंध लागू हो गया है। रोक के दूसरे दिन सोमवार को प्रशासन की सक्रियता देखने को मिली। एसडीएम सदर उमेश चंद्र निगम, सीओ सदर रमेश कुमार व ईओ नगर पालिका परिषद खलीलाबाद बीना सिंह टीम के साथ शहर में निकली और छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान दो लोगों का चालान किया गया तो दस चिह्नित बड़े दुकानदारों के यहां जांच की गई, जांच के दौरान पॉलिथीन नहीं मिली, लेकिन दुकानदारों को चेतावनी दी गई कि 50 माइक्रान से नीचे की पॉलिथीन दुकान पर न दिखे, यह सुनिश्चित करें। वैसे जागरूकता के कारण पॉलिथीन पर प्रतिबंध का असर बाजारों में दिखने लगा है। पॉलिथीन के थोक व्यापारियों के यहां 50 माइक्रान से नीचे की पॉलिथीन गायब हो गई है तो अधिकतर दुकानदार भी पॉलिथीन से परहेज करते नजर आए। पॉलिथीन पर बैन लगने से पूर्व ही नगर पालिका प्रशासन सक्रिय हो गया था। जन जागरूकता के लिए जहां रैली निकाली गई, वहीं बरदहिया बाजार में लगने वाली कपड़ा मंडी के मालिक को नोटिस देकर पॉलिथीन का प्रयोग रोकने के लिए कहा गया है। इसके अलावा कई अन्य दुकानदारों को भी नोटिस दी गई थी। इसका असर देखने को मिला। सोमवार को बाजार में दुकानें तो लगी, लेकिन पॉलिथीन गायब दिखी। जो लोग बाजार में सामान खरीदने के लिए निकले वह हाथों में झोला लेकर आए। सब्जी मंडी में भी सोमवार को पॉलिथीन नहीं दिखी। दुकानदारों का कहना था कि अब मार्केट में ही पॉलिथीन नहीं मिल रही है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी बैन का असर कम है।
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मार्केट में सामान खरीदने आए आशुतोष कुमार ने कहा कि पॉलीथीन पर बैन की जानकारी है, ऐसे में समस्या न हो, इसलिए घर से ही झोला लेकर आए। हीरालाल त्रिपाठी ने कहा कि पॉलिथीन पर बैन स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने कहा कि सब्जी खरीदने के लिए झोला लेकर आए हैं। वीरेंद्र कुमार ने सरकार के पॉलिथीन पर बैन का स्वागत है। हमने भी तय किया है कि पॉलिथीन मेें सामान नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि अब लोग घर से झोला लेकर आ रहे हैं। सुनील कुमार ने कहा कि पॉलिथीन के कारण तमाम समस्याएं होती थीं, नालियां जाम हो रही थीं, अब इस पर बैन लगने से समस्याएं कम होंगी। एसडीएम उमेशचंद्र निगम ने बताया कि पॉलिथीन पर प्रतिबंध को पूर्ण रूप से लागू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि शहर के गोला बाजार में दो दुकानदारों का चालान किया गया है। उन पर पांच-पांच सौ रुपये का जुमार्ना लगाया गया। इसके साथ ही दस बड़े दुकानदारों को चिह्नित कर जांच की गई है। उनके यहां पॉलिथीन नहीं मिली, फिर भी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में भी दुकान में पॉलिथीन न मिले, यह सुनिश्चित कराएं।

यहां तो पॉलिथीन में दी जाती है चाय
धर्मसिंहवा। पॉलिथीन पाबंदी के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम का ग्रामीण क्षेत्र में कोई असर नहीं है। लोग जागरूकता के अभाव में अभी भी पॉलिथीन का प्रयोग बिना रोक-टोक के किए जा रहे हैं। बाजारों में देखा जा रहा है कि चाय की डिलीवरी पॉलिथीन में रख कर की जा रही है। लोग इसे आसान समझ कर प्रयोग में ला रहे हैं। पर स्वास्थ्य पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा नहीं जानते। डॉक्टर भानु प्रताप नारायण सिंह बताते हैं कि पॉलिथीन में गर्म वस्तु रखने को वह रासायनिक क्रिया करने लगता है और स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक साबित होता है। कैंसर जैसी बीमारी पॉलिथीन प्रयोग करने से हो सकती है। क्षेत्र के राजेडीहा, सांथा, गोईठहा, मेंहदूपार, धर्मसिंहवा सहित कई जगहों पर पॉलिथीन का प्रयोग अभी भी किया जा रहा है। हालांकि सोशल मीडिया सहित तमाम इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों से पॉलिथीन रोकने का प्रचार प्रसार किया जा रहा है पर लोग इसे आसान पाकर प्रयोग किए जा रहे हैं।
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