हरिहरपुर (संतकबीरनगर)। सीएचसी नाथनगर में मरीजों के लिए बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं। मरीजों को एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड कराने के लिए प्राइवेट केंद्रों पर जाना पड़ता है। अस्पताल में जांच के नाम पर केवल खून जांच की सुविधा मौजूद है। उसमे भी कई जांच एजेंसी के हवाले है। दवा के नाम पर हर मरीज को अस्पताल से एक ही प्रकार की दवा दी जाती है। मरीजों को राहत मिले इसके लिए बाहर से दवा लिखी जाती है । सीएचसी में अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि महिला चिकित्सक के कमरे में अक्सर ताला बंद रहता, जिसके कारण महिला रोगी इधर उधर भटकती रहती हैं। इंजेक्शन और ड्रेसिंग रूम में तैनात फार्मासिस्ट अक्सर गायब रहते हैं और मरीज उन्हे इंजेक्शन लगवाने और ड्रेसिंग करवाने के लिए ढूंढते रहते हैं। सीएचसी पर दवा कराने पहुंचे मरीज कालीचरण, परशुराम ने बताया कि अस्पताल में हर तरह के मरीज को एक ही प्रकार की दवा दी जाती है। चाहे वह किसी भी बीमारी से पीड़ित हो। इसलिए पीड़ित को मजबूर होकर बाहर की दवाएं लेनी पड़ती हैं।