संतकबीरनगर जिले में 157 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों का निर्माण मनरेगा के बजट से कराया जाएगा। इसके लिए ऐसे गांवों को चुनाव गया है जहां मनरेगा की गाइड लाइन के मुताबिक श्रम और सामग्री का अनुपात 60 : 40 प्रतिशत के मानक के हिसाब से है। छह ब्लॉकों में 130 केंद्रों के भवन निर्माण के लिए डीएम ने अनुमोदन भी कर दिया है। केंद्रों को अपना भवन मिलने से संचालन में काफी सहूलियत होगी।
डीपीओ अरुण कुमार दूबे ने बताया कि मनरेगा के बजट से आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण कराए जाने का निर्णय शासन ने लिया है। जिले में 257 केंद्रों के भवन का निर्माण कराए जाने का लक्ष्य निर्धारित हुआ है। लोहिया गांवों को छोड़ कर अन्य ऐसे गांवों में जहां केंद्र के भवन निर्माण के लिए 1500 वर्ग फिट जमीन उपलब्ध होगी और वह गांव मनरेगा की गाइड लाइन श्रम और सामग्री के अनुमान को पूरा करता है, वहीं गांव चयनित किए जाएंगे। अब तक 130 गांवों का चयन हो चुका है। बेलहर कला ब्लॉक क्षेत्र के 24 गांव, सांथा के 53 गांव, हैंसर के चार गांव,नाथनगर के 11 गांव, पौली के छह गांव और मेंहदावल के 32 गांवों में केंद्र भवन के लिए जमीन मिल चुकी है। यहां केंद्र भवन निर्माण के लिए डीएम ने अनुमोदित भी कर दिया है।
आरईएस के प्रदेश मुख्यालय से अनुमोदित नक्शे के मुताबिक ही भवनों का निर्माण कराया जाएगा। संबंधित ग्राम पंचायतें ही कार्यदाई संस्था होगी। प्रति केंद्र भवन के निर्माण की लागत शासन स्तर से 7. 52 लाख निधारित है। आगे बताया कि अभी तक सेमरियावां, खलीलाबाद और बघौली ब्लॉक क्षेत्र से केंद्र भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। डीएम डॉक्टर सरोज कुमार ने बताया कि मनरेगा बजट से आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाए जाने का शासन का निर्णय है।
जिले में इस वित्तीय वर्ष में 157 केंद्र भवन निर्माण का लक्ष्य तय है। डीपीओ को निर्देश दिया है कि मानक पूरा करने वाले ग्राम पंचायतो से प्रस्ताव मंगाएं। जिससे लक्ष्य पूरा हो सकें। अब तक 130 केंद्र भवन निर्माण की स्वीकृति उनके स्तर से की जा चुकी है। तमाम केंद्र किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। शासन के इस पहल से केंद्रों को खुद का भवन मिलेगा और केंद्र संचालन में काफी सहूलियत होगी।